BNP NEWS DESK। Bank Union यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन, जिसमें राष्ट्रीयकृत बैंकों में कार्यरत समस्त अधिकारी व कर्मचारी संगठन के 9 यूनियन सम्मिलित है के आह्वाहन पर 5 दिवसीय बैंक कार्यदिवस की मांग को लेकर राष्ट्रीय आंदोलन के प्रथम चरण के रूप में अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन के आयोजन में यू एफ बी यू वाराणसी इकाई के संयोजक संजय शर्मा के नेतृत्व में कचहरी स्थित जेपी मेहता इंटर कॉलेज के पास यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अंचल कार्यालय के समक्ष सायं 5.30 बजे जोरदार विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
Bank Union वाराणसी के बैंक कर्मियों की विशाल सभा को संबोधित करते हुए यू एफ बी यू के संयोजक व यू पी बी ई यू के मंत्री संजय कुमार शर्मा व अध्यक्ष राम बिशुन चौबे तथा यूनियन पूर्व में बैंक सोमवार से शुक्रवार तक पूर्ण दिवस तथा प्रत्येक शनिवार को आधे दिन कार्य करते थे
बैंक के महात्मा कौशलेंद्र सिंह व बैंक ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुनील सेठ ने कहा कि,सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग लागू करने की मांग आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया है.
पूर्व में बैंक सोमवार से शुक्रवार तक पूर्ण दिवस तथा प्रत्येक शनिवार को आधे दिन कार्य करते थे
पूर्व में बैंक सोमवार से शुक्रवार तक पूर्ण दिवस तथा प्रत्येक शनिवार को आधे दिन कार्य करते थे। वर्ष 2015 में भारत सरकार एवं इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के बीच हुए समझौते के अनुसार प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चतुर्थ शनिवार को अवकाश घोषित किया गया तथा शेष शनिवारों को पूर्ण कार्य दिवस बनाया गया। डिजिटल बैंकिंग के विस्तार से शाखाओं में ग्राहकों की संख्या कम होने के कारण यह व्यवस्था स्वीकार की गई थी। साथ ही यह भी सहमति बनी थी कि शेष शनिवारों को भी भविष्य में अवकाश घोषित करने पर विचार किया जाएगा।
मार्च 2024 में हुए वेतन पुनरीक्षण समझौते के दौरान बैंक्स एसोसिएशन ने यह सहमति दी कि ग्राहकों के लिए बैंकिंग कार्य समय प्रतिदिन 40 मिनट बढ़ाया जाएगा तथा इसके बदले शेष सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित किया जाएगा। इस प्रकार कुल बैंकिंग कार्य समय में कोई कमी नहीं आएगी। Bank Union
सरकार की स्वीकृति की प्रतीक्षा में लंबित है
इस प्रस्ताव को विधिवत रूप से वित्त मंत्रालय को अनुमोदन हेतु भेजा गया था, किंतु पिछले दो वर्षों से अधिक समय से यह मामला सरकार की स्वीकृति की प्रतीक्षा में लंबित है।
सभी प्रयासों के उपरांत यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने 27 जनवरी 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल आयोजित की थी, ताकि मार्च 2024 के समझौते में किए गए वादे का सम्मान किया जाए तथा सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू की जाए।
प्रतिदिन अतिरिक्त 40 मिनट कार्य
दुर्भाग्यवश यह मामला अभी भी सरकार के स्तर पर लंबित है। सभी जानते हैं कि बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी गंभीर स्टाफ की कमी तथा लगातार बढ़ते व्यवसायिक दबाव के कारण अत्यधिक तनाव में कार्य कर रहे हैं। अनेक कर्मचारी एवं अधिकारी नियमित कार्य समय से कहीं अधिक समय तक काम कर रहे हैं तथा कई स्थानों पर शनिवार और रविवार को भी कार्य करने के लिए बाध्य किए जाते हैं। ऐसी स्थिति में कार्य एवं जीवन के संतुलन को सुनिश्चित करने हेतु शेष सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करना एक न्यायसंगत, व्यावहारिक एवं आवश्यक मांग है।
यूनियनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिदिन अतिरिक्त 40 मिनट कार्य करने से ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवाओं के समय में कोई कमी नहीं होगी।
Bank Union सप्ताह में 5 दिन कार्य व्यवस्था पहले से ही केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम, निजी कंपनियों तथा अनेक उद्योगों में लागू है। ऐसे में बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों को इस सुविधा से वंचित रखना अनुचित है। इसी मांग को लेकर आज देशभर में बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने प्रदर्शन आयोजित कर 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को शीघ्र लागू करने की मांग उठाई गई है वआंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया है।
यदि सरकार इस न्यायोचित एवं वास्तविक मांग की लगातार उपेक्षा करती रही, तो यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करने का निर्णय लिया है।
यूएफबीयू के नेता शीघ्र ही बैठक कर आगामी संघर्ष कार्यक्रमों एवं संभावित हड़ताल संबंधी निर्णयों की घोषणा करेंगे। यूएफबीयू ने सभी बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों से आह्वान किया है कि वे आगामी संघर्षों के लिए तैयार रहें। उक्त सभा व प्रदर्शन में प्रमोद द्विवेदी, शीतला दुबे, आशीष श्रीवास्तव, जितेंद्र सोनकर, सुनील मौर्या, अनंत मिश्रा, पी के घोष, आनंद कुमार, सुनील गुप्ता, विवेक गुप्ता, सुधीर सिंह, प्रवीण झा,गुड्डू इत्यादि उपस्थित थे। Bank Union













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