BNP NEWS DESK। Swami Vivekananda Memorial दशकों पुराने जन-आंदोलन और क्षेत्रीय लोगों के संघर्ष को शुक्रवार को उस समय सफलता मिली, जब राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने अर्दली बाजार स्थित एलटी ट्रेनिंग कालेज परिसर में स्वामी विवेकानंद के प्रवास स्थल का दौरा किया। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा इस स्थल के संरक्षण के लिए पर्यटन विभाग को अनापत्ति पत्र दिए जाने के बाद अब यहां भव्य स्मारक निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
प्राचीन गोपाल दास विला भवन पहुंचे राज्यमंत्री ने वीडीए उपाध्यक्ष के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि स्वामी जी की स्मृति में यहां 10 हजार वर्गमीटर भूमि पर माडल स्मारक तैयार किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग की सहमति के बाद कार्ययोजना जल्द ही धरातल पर उतरेगी। सेंट्रल बार के महामंत्री आशीष सिंह और उपाध्यक्ष जितेंद्र यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने राज्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
विवेकानंद प्रवास स्थल पर स्मारक बनाने की मिली स्वीकृत
Swami Vivekananda Memorial विवेकानंद प्रवास स्थल एलटी कालेज अर्दलीबाजार में प्रस्तावित स्मारक निर्माण का रास्ता प्रशस्त हो गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए भूमि उपलब्ध कराने की मंजूरी दे दी है। जल्दी ही बाकी प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू होगा। इस आशय की जानकारी देते हुए वाराणसी उत्तरी के विधायक और स्टांप राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल जल्द ही शिलान्यास का आश्वासन दिया। स्वामी विवेकानंद का काशी से गहरा नाता रहा है।
वे कई बार यहां आए तो जीवन के अंतिम वर्षों में यहीं स्वास्थ्य लाभ के लिए भी प्रवास किया। वह एलटी कालेज स्थित जिस भवन में ठहरते थे उसकी गोपाल लाल विला के नाम से पहचान थी। परिसर को हेरिटेज घोषित करने, प्रवास स्थल पर स्मारक बनाने की मांग सामाजिक संगठनों की ओर से की गई।
एडवोकेट भैयाजी ने परिसर में पिछले लगभग एक दशक से कई कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। इसी क्रम में मंत्री रवींद्र जायसवाल ने पहल की और उसे अमली जामा पहनाने के लिए प्रयास किया। माध्यमिक शिक्षा परिषद से एनओसी मिल गया है। वहां बनने वाले स्मारक में स्वामी विवेकानंद की मुर्ति, मेडिएशन सेंटर, ओम की ध्वनि सर्कुलेट होने की व्यवस्था आदि होगी।
दस हजार वर्गमीटर में बनेगा। दो मंजिला प्रवास स्थल अब पूरी तरह खंडहर में तब्दील है। परिसर में वर्तमान में डीआइओएस कार्यालय, संयुक्त शिक्षा निदेशक और सीईटी कालेज, प्राथमिक विद्यालय, राजकीय लाइब्रेरी स्थित है।
विवेकानंद एक माह इस परिसर में किए प्रवास
स्वामी विवेकानंद 1902 में बीमारी की हालत में अंतिम बार काशी आए। वह गोपाल लाल विला (वर्तमान में एलटी कालेज) में एक महीने तक प्रवास किए। इसी परिसर से सिस्टर निवेदिता को उन्होंने कई पत्र लिखा था। परिसर के बारे में बताया कि यहां आम, अमरूद के पेड़ हैं।
गुलाब का खूबसूरत बगीचा, तालाब में सुंदर कमल खिले रहते हैं। ये जगह मेरे स्वास्थ्य के लिए उत्तम है। यहां से कुछ मील दूर बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ है। पत्रावली नामक किताब में यह तथ्य प्रकाशित है। लगभग तीन एकड़ में फैले इस परिसर की सुंदरता की उन्होंने जमकर तारीफ की थी।
















Discussion about this post