bnp news desk । Ram Navami प्रयागराज महाकुंभ के समय रामनगरी में भीड़ प्रबंधन के लिए लागू किया गया फार्मूला अब आदर्श बन गया है। अब इसका प्रयोग प्रत्येक विषम परिस्थिति में होने लगा है। इसी फार्मूले का प्रयोग भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव में उमड़ने वाले रामभक्तों को असुविधा से बचाने के लिए रामनवमी के दिन भी लागू किया जा सकता है।
यद्यपि इसे श्रद्धालुओं की संख्या में आशातीत वृद्धि देखने पर ही लागू किया जाएगा। माना जा रहा कि अपने आराध्य के जन्मोत्सव में सम्मिलित होने के लिए लगभग पांच लाख श्रद्धालु अयोध्या आ सकते हैं।
Ram Navami भव्य राम मंदिर में इस बार रामलला का तीसरा जन्मोत्सव मनाने की तैयारी है। रामनवमी के दिन भीड़ बढ़ने की स्थिति में सुलभ दर्शन के लिए रामपथ को हनुमानगढ़ी चौराहे से श्रीराम चिकित्सालय तक एकल मार्ग में परिवर्तित कर दिया जाएगा और टेढ़ी बाजार से लता चौक तक वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी।
राम मंदिर में दर्शनार्थियों को मुख्य मार्ग यानी रामजन्मभूमि पथ से प्रवेश देकर गेट नंबर-तीन के बगल में बने वैकल्पिक मार्ग से बाहर निकाला जाएगा, जिससे दर्शनोपरांत निकलने वाले श्रद्धालु टेढ़ी बाजार होते हुए गंतव्य तक जा सकें।
अभी दर्शनार्थियों की वापसी अंगद टीला के निकासी मार्ग से हो रही है। राम मंदिर प्रांगण में भी लेन की संख्या पांच से बढ़ा कर आठ कर दी जाएगी। एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि राम मंदिर में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक दर्शन कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।
नहीं बाधित होगा दर्शन, बढ़ाई जा सकती दर्शन की अवधि
रामनवमी के दिन राम मंदिर में रामलला का सामान्य दर्शन बाधित नहीं होगा। थोड़े समय के लिए विशिष्ट दर्शन को स्थगित रखा जा सकता है। ट्रस्टी डा. अनिल कुमार मिश्र के अनुसार दर्शनार्थियों की संख्या को देखते हुए दर्शन की अवधि में भी बढ़ोतरी की जा सकती है।
अभी नवरात्र के प्रथम दिन से ही सुबह छह बजे से रात्रि साढ़े नौ बजे तक दर्शन मिल रहा है। दोपहर में साढ़े 12 बजे से एक बजे तक मंदिर के पट बंद रखे जाते हैं। Ram Navami
















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