BNP NEWS DESK। Ramjanmabhoomi रामजन्मभूमि परिसर में साढ़े चार वर्षों से गतिशील रहा राम मंदिर सहित सात पूरक मंदिरों का निर्माण अब पूर्णता को प्राप्त कर रहा है। मुख्य कार्यदायी एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो सहित अन्य एजेंसियों के अधिकारियों का दावा है कि सभी मंदिरों में पत्थरों से संबंधित समस्त निर्माण पूर्ण हो गए हैं। घिसाई-सफाई, फिनिशिंग व फ्लोरिंग के अवशेष कार्य भी 30 अक्टूबर तक हर स्थिति में पूरे हो जाएंगे। परकोटे की दक्षिणी भुजा को जोड़ने का कार्य अभी चल रहा है, परंतु यह भी निर्धारित समयावधि तक पूरा होगा।
Ramjanmabhoomi राम मंदिर व परकोटे के मध्य रिक्त स्थान पर टाइल्स से फर्श लगभग तैयार हो गई है। कारिडोर व जूता-चप्पल घर बन जाने के बाद इनकी फिनिशिंग हो रही है। सभी मंदिरों तक जाने वाले मार्गों का निर्माण हो गया है। निर्मित हो चुके शेष परकोटे को संवारा जा रहा है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से 25 नवंबर को प्रस्तावित ध्वजारोहण समारोह की व्यापक तैयारिया
मंदिरों के निर्माण की पूर्णता पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से 25 नवंबर को प्रस्तावित ध्वजारोहण समारोह की व्यापक तैयारियों के दृष्टिगत मंदिर निर्माण समिति ने पत्थरों से संबंधित सभी कार्यों को प्रत्येक स्थिति में 30 अक्टूबर तक पूरा करने का निर्देश दे रखा है।
इसे ध्यान में रख कर परिसर में मंदिरों से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर हो रहे हैं। इसी कारण समिति की ओर से तय समयावधि से पहले राम मंदिर के साथ सभी पूरक मंदिरों में पत्थर संबंधी निर्माण पूरे हो गए हैं। वर्तमान में राम मंदिर के भूतल व प्रथम तल के स्तंभों और निर्मित हो चुके परकोटे की घिसाई-सफाई आदि हो रही है।
उत्तरी दिशा में परकोटे के समीप अवशेष स्थान पर टाइल लगाई गईं। मंदिरों में निर्माण के समय लगे लोहे के पाइप हट गए हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन के प्रत्येक स्थान पर सुगम मार्ग बनाया जा रहा है।
एलएंडटी के परियोजना निदेशक विनोद कुमार मेहता ने दावा किया कि मंदिरों से जुड़े समस्त कार्य तय समय पर ही पूरे कर लिए जाएंगे। टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स के परियोजना निदेशक वीके शुक्ल ने कहा कि मंदिरों के कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जा रहे हैं, जिससे उत्सव की तैयारियों में कोई व्यवधान न उत्पन्न हो।
















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