अब त्योहारों की तिथि में भ्रम नहीं होगा

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Hindu calendar

BNP NEWS DESK। Hindu calendar पंचांग ज्योतिष का प्रवेश मार्ग है,क्योंकि यह ज्योतिषीय घटनाओं जैसे ग्रह,तारे और त्यौहार समय की गणना के लिए एक मूलभूत ढाँचा प्रदान करता है। ये पाँच महत्वपूर्ण खगोलीय अंगों (तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण) से मिलकर बनता है,जो ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं और शुभ-अशुभ समय की जानकारी देते हैं,जिनका उपयोग व्यक्ति के जीवन के बारे में अंतर्दृष्टि प्रदान करने और विभिन्न कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त निर्धारित करने के लिए करते हैं।

पर्व -त्यौहारों की तिथि में संशय समाप्त होगा

Hindu calendar उक्त बातें गुरुवार को दशाश्वमेध स्थित शास्त्रार्थ महाविद्यालय में शुरू हुए पंचांग प्रशिक्षण कार्यशाला में संचालक ज्योतिर्विद आचार्य संजय उपाध्याय ने कही। इन्होंने कहा कि आज लगभग कई वर्षो से सनातन धर्म से जुड़े महत्वपूर्ण पर्व व त्यौहारों की तिथि में अनेक भिन्नता पायी जा रही है।

 

जिस कारण आम जनमानस में इसको लेकर कई भ्रान्तियाँ उत्पन्न हो जा रही हैं। लोग दो-दो दिन त्यौहार मनाने को मजबूर हो जाते हैं। शहर की अति प्राचीन संस्था शास्त्रार्थ महाविद्यालय ने इसको समाप्त करने का बीड़ा उठाया। यहाँ पर शुरू प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से आम जनमानस भी इसका लाभ ले सकेंगे।

ज्योतिषीय कैलेंडर से होगा बोध

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रपति पुरस्कृत पूर्व प्राचार्य डा.गणेश दत्त शास्त्री ने सम्बोधित करते हुए कहा कि त्योहारों का सही ज्ञान पंचांग से ही मिलता है,क्योंकि पंचांग एक ज्योतिषीय कैलेंडर है जो दिन, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ और अशुभ समय की जानकारी देता है। Hindu calendar

इससे पर्व और धार्मिक अनुष्ठानों के सही समय का पता चलता है। पंचांग की गणना सूर्य और चंद्रमा की स्थिति पर आधारित होती है और यह हिंदू कैलेंडर में केंद्रीय भूमिका निभाता है
विशिष्ट अतिथि ज्योतिषाचार्य डा.अमोद दत्त शास्त्री थे। संचालन प्राचार्य डा.पवन कुमार शुक्ल ने किया। विकास दीक्षित,शेषनारायण मिश्र, अशोक कुमार सहित 42 प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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Author: BNPNEWS

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