वाराणसी जिला मुख्यालय पर कांग्रेस का हल्ला बोल

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Varanasi Congress

BNP NEWS DESK। Varanasi Congress दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय जाने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ,नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी,राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित 300 विपक्षी सांसदों की गिरफ्तारी ने पूरे देश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इसी कड़ी में वाराणसी में जिला/महानगर कांग्रेस कमेटी ने मोदी–योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ज़िला मुख्यालय पर जबरदस्त “हल्ला बोल” प्रदर्शन किया।

Varanasi Congress  जिलाधिकारी कार्यालय के पोर्टिको में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाज़ी की, धरना दिया और जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एडीएम को एक तीखा ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा की वाराणसी लोकसभा चुनाव 2025 में बड़े पैमाने पर फर्जी वोटर लिस्ट बनाकर और नकली वोट डलवाकर लोकतंत्र की हत्या की गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में विपक्षी सांसद केवल निष्पक्ष चुनाव की गारंटी और पारदर्शिता की मांग करने गए थे, लेकिन बीजेपी सरकार डर के कारण पुलिस भेजकर उन्हें गिरफ्तार करवा दी।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि “एक व्यक्ति, एक वोट” हमारे संविधान की रीढ़ है, जिसे बीजेपी तोड़ रही है।

फर्जी वोट, डुप्लिकेट नाम, नकली पते — यह लोकतंत्र के गले में फंदा डालने जैसा है।

Varanasi Congress  चुनाव आयोग जनता का नहीं, बीजेपी का एजेंट बन गया है। अगर वोट चोरी होती रही तो यह देश लोकतंत्र नहीं, तानाशाही में बदल जाएगा
ज्ञापन में कांग्रेसजनों ने पांच मांगें की

1. विपक्ष को डिजिटल वोटर लिस्ट तुरंत उपलब्ध कराई जाए — इसे रोकना साफ़ तौर पर धांधली छुपाने की साज़िश है।
2. मतदान के समय की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए — फुटेज छुपाना मतलब सच छुपाना।
3. निर्वाचन फार्म 6, 7, 8 का पूरा विवरण (जनवरी 2024 से अंतिम प्रकाशन तक) तुरंत दिया जाए — ताकि मतदाता सूची में किए गए घपलों का खुलासा हो।
4. विपक्षी नेताओं को डराना-धमकाना बंद किया जाए — यह लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं।
5. निर्वाचन आयोग बीजेपी का एजेंट बनकर काम करना बंद करे — निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करे।

 

जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने कहा की दिल्ली में विपक्षी सांसदों की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर सीधा हमला है। बीजेपी और मोदी सरकार वाराणसी की सच्चाई से डर गई है, इसलिए जनता की आवाज़ को कुचलने में जुटी है। वाराणसी लोकसभा चुनाव में जो धांधली हुई, वह मतदाताओं के अधिकार पर डाका है।
हम चुनाव आयोग से मांग करते हैं कि डिजिटल वोटर लिस्ट, सीसीटीवी फुटेज और निर्वाचन फॉर्म का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। अगर यह नहीं हुआ, तो कांग्रेस सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ने को तैयार है।यह पूरा चुनावी खेल चुनाव आयोग की नाक के नीचे हुआ, लेकिन कार्रवाई शून्य रही।

उल्टा आयोग विपक्ष को डिजिटल वोटर लिस्ट देने से मना कर रहा है। कांग्रेस ठोस डेटा और सबूत दे रही है, लेकिन आयोग सबूत लेने की बजाय विपक्ष से हलफनामा मांग रहा है। जब भाजपा सरकार विपक्ष पर ईडी-सीबीआई जैसी एजेंसियां लगाकर छापे मार सकती है, तो काशी की धांधली पर जांच क्यों नहीं? यह साफ है कि चुनाव आयोग भाजपा का चुनावी एजेंट बन चुका है।

महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा की यह लड़ाई राहुल गांधी बनाम मोदी सरकार की नहीं है, यह कांग्रेस बनाम बीजेपी नहीं है — यह भारत के हर नागरिक के वोट के अधिकार की लड़ाई है। अगर वोट सुरक्षित नहीं है तो लोकतंत्र सिर्फ़ नाम का रह जाएगा।

वाराणसी की जनता के वोट चोरी हुए हैं, उनकी आवाज़ दबाई गई है और हम चुप नहीं बैठेंगे। चुनाव आयोग को याद रखना होगा कि वह किसी पार्टी का नहीं, बल्कि देश के संविधान का एजेंट है।हम खुद इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार प्रदेश अध्यक्ष / प्रत्याशी अजय राय जी के चुनावी अभिकर्ता थे और वाराणसी में मतगणना के दौरान जब इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार अजय राय आगे चल रहे थे, तो गिनती जानबूझकर धीमी की गई।
विपक्षी नेताओं को नजरबंद किया गया, वोटरों को धमकाया गया। वाराणसी की 4 लाख 60 हजार जनता ने कांग्रेस को वोट देकर लोकतंत्र बचाने का संदेश दिया, हम उनका आभार मानते हैं। राहुल गांधी जी ने साफ कर दिया है कि इस धांधली में शामिल भ्रष्ट अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। अच्छे दिन का झूठा नारा देने वालों का बुरा दिन जरूर आएगा। कांग्रेस हमेशा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लड़ेगी और आगे भी लड़ती रहेगी।

BNPNEWS
Author: BNPNEWS

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