लोकसभा चुनाव में संदेशखाली को लेकर तृणमूल नेतृत्व चिंतित

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Sandeshkhali

BNP NEWS DESK। Sandeshkhali बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं का भारी विरोध-प्रदर्शन देखकर सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस चिंतित है। अब पार्टी नेतृत्व को संदेशखाली कांड का आगामी लोकसभा (लोस) चुनाव में असर पड़ने का डर सता रहा है। संदेशखाली की महिलाओं का एक वर्ग स्थानीय तृणमूल नेताओं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए वहां विरोध-प्रदर्शन कर रहा है।

Sandeshkhali  प्रदर्शन कर रही महिलाओं का यह भी कहना है कि उन्हें राज्य सरकार की लक्ष्मी भंडार, कन्याश्री व रूपश्री जैसी महिलाओं पर केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं का पैसा नहीं बल्कि मान-सम्मान चाहिए। तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सारा कुछ स्थानीय नेतृत्व पर छोड़ देने के कारण ऐसी विकट स्थिति उत्पन्न हुई है।

मालूम हो कि उत्तर 24 परगना जिला, जिसके अंतर्गत संदेशखाली आता है, का दायित्व लंबे समय तक राज्य के मंत्री व पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिप्रिय मल्लिक के हाथों में था। ज्योतिप्रिय राशन घोटाले में जेल में हैं। पार्टी सांसद लाकेट चटर्जी ने कहा कि बंगाल के हर कोने में संदेशखाली है। आने वाले दिनों में हर जगह से तृणमूल नेताओं के खिलाफ विरोध के स्वर उठेंगे।

संदेशखाली में अशांति, इलाके की सांसद इंटरनेट मीडिया में व्यस्त : संदेशखाली में अशांति फैली हुई है और बशीरहाट की सांसद व बांग्ला फिल्मों की अभिनेत्री नुसरत जहां इंटरनेट मीडिया में व्यस्त हैं। इसे लेकर विरोधी दल सवाल उठा रहे हैं। संदेशखाली में पिछले दो सप्ताह से भी अधिक समय से स्थानीय महिलाएं तृणमूल नेताओं के यौन उत्पीड़न के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं जबकि नुसरत अब तक एक बार भी वहां नहीं गई हैं और न ही उन्होंने संदेशखाली को लेकर कुछ कहा है। पिछले कुछ दिनों में उन्हें इंटरनेट मीडिया पर अपनी तस्वीरें व विभिन्न चीजें पोस्ट करते देखा गया है।

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Author: BNPNEWS

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