BNP NEWS DESK। repo rate आरबीआइ की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने लगातार पांचवीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।
repo rate में कोई बदलाव नहीं होने से बैंक अपने लोन की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करेंगे। यानी कि आपके मकान, गाड़ी और अन्य प्रकार के लोन की ब्याज दर पहले की तरह ही रहेंगी।
अगले साल मई-जून के बाद ही रेपो रेट में किसी कटौती की उम्मीद
आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक महंगाई दर को लेकर आरबीआइ के रुख को देखते हुए अगले साल मई-जून के बाद ही रेपो रेट में किसी कटौती की उम्मीद की जा सकती है।
शुक्रवार को आरबीआइ के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एमपीसी बैठक के नतीजों की घोषणा करने के दौरान चालू वित्त वर्ष 2023-24 में विकास दर के अपने अनुमान को 6.5 प्रतिशत से बढ़ाते हुए सात प्रतिशत कर दिया।
शक्तिकांत दास ने कहा कि पिछले छह महीनों के दौरान आर्थिक गतिविधियों में लगातार हो रही मजबूती को देखते हुए आरबीआइ ने अपने अनुमान में बदलाव किया है।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई दर 5.4 प्रतिशत रहेगी जो आरबीआइ की तरफ से महंगाई के लिए तय अधिकतम छह प्रतिशत की सीमा से कम है। हालांकि दास ने साफ तौर पर महंगाई और विकास दर दोनों ही मोर्चे पर काफी सचेत रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
महंगाई में कमी जरूर आई है, लेकिन आरबीआइ का लक्ष्य इस दर को चार प्रतिशत तक लाना है। कुछ सब्जियों के दाम अधिक होने से नवंबर व दिसंबर की महंगाई दर में बढ़ोतरी दिख सकती है।
रबी के दौरान बोआई प्रगति पर है, लेकिन दाल, गेहूं और मसाले पर निगरानी रखने की जरूरत है। वैश्विक रूप से चीनी के दाम में हो रही बढ़ोतरी भी चिंता का विषय है। वैश्विक स्थितियों को देखते हुए विकास के मोर्चे पर भी जोखिम कायम है। इसलिए नीति निर्धारकों को काफी सतर्क रहना होगा।
प्रापर्टी बाजार को मिली राहत
आरबीआइ के फैसले से प्रापर्टी बाजार में जारी तेजी कायम रहेगी। जानकारों के मुताबिक ब्याज दरों में थोड़ी बढ़ोतरी से भी छोटे व सस्ते मकान के खरीदारों के रुख में बदलाव हो जाता।
महंगाई को लेकर आरबीआइ का अनुमान
वित्त वर्ष 2023-24 —— महंगाई दर
तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) —– 5.6 प्रतिशत
चौथी तिमाही —- 5.2 प्रतिशत
वित्त वर्ष 2024-25 —- महंगाई दर
पहली तिमाही —- 5.2 प्रतिशत
दूसरी तिमाही —- 4.0 प्रतिशत
तीसरी तिमाही —- 4.7 प्रतिशत
विकास दर का लेकर आरबीआइ का अनुमान
विकास दर चालू वित्त वर्ष 2023-24
तीसरी तिमाही —– 6.5 प्रतिशत
चौथी तिमाही —- 6.0
वित्त वर्ष 2024-25
पहली तिमाही —– 6.7 प्रतिशत
दूसरी तिमाही —- 6.5 प्रतिशत
सरी तिमाही —- 6.4 प्रतिशत








