BNP NEWS DESK। Laddu Holi मथुरा में बरसाना की सुप्रसिद्ध होली का शुभारंभ करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने विपक्ष पर कोई वार किया न ही पलटवार। राधारानी को नमन किया, लड़्डू का भोग लगाया और ब्रज के विकास का संकल्प दोहराया। धर्म की बात कर विकास में धन की कमी न आने देने का वचन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी और अयोध्या के बाद अब ब्रजभूमि (मथुरा) की बारी है।
ब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित राधारानी मंदिर में रोपवे से पहुंचे योगी
Laddu Holi मुख्यमंत्री रहते हुए चौथी बार लड्डू होली के साक्षी बने योगी पुण्य की धरा पर पूरी तरह श्रद्धानवत थे। ब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित राधारानी मंदिर में रोपवे से पहुंचे योगी ने विधिवत पूजन किया। 11 किलोग्राम के लड्डू का भोग लगाया। पोशाक अर्पित की। मंदिर की छत से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की। यहां से राधाबिहारी इंटर कालेज में रंगोत्सव का शुभारंभ करने पहुंचे। शंखनाद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच संतों ने उनका स्वागत किया। मंच से राधे-राधे का जयकारा लगाकर उन्होंने बात शुरू की।
काशी में महाशिवरात्रि में लाखों लोग आए
योगी बोले, सनातन धर्म कितना अद्भुत है। काशी में महाशिवरात्रि में लाखों लोग आए। 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच प्रयागराज महाकुंभ में भीड़ ने सारे रिकार्ड तोड़ डाले। दुनिया ने सनातन धर्म की एकता का अद्भुत, अविस्मरणीय और अकल्पनीय समागम देखा। हमारा सौभाग्य है कि काशी उत्तर प्रदेश में है। राम की जन्मभूमि अयोध्या भी यहीं है। कन्हैया की जन्मभूमि भी इसी प्रदेश में है।
बीते लोकसभा चुनाव में अपने प्रचार अभियान की शुरुआत ब्रज भूमि से करने वाले योगी ने पहली बार साफ संकेत दिया। उन्होंने कहा कि काशी और अयोध्या के बाद अब मथुरा की बारी है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में काशी का कायाकल्प हुआ। अयोध्या को त्रेतायुग की तरह सुंदरतम नगरी बनाने का काम किया। Laddu Holi
तीर्थों का राजा प्रयागराज चमक रहा है। महाकुंभ से फुर्सत मिलने के बाद अब बारी ब्रजभूमि की है। उन्होंने ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के गलियारे का नाम लिए बगैर कहा कि इस बार हमने बजट में विशेष प्रविधान किया है। गोकुल, नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन, वृंदावन और बलदेव के विकास के लिए पैसे की कमी नहीं है। उन्होंने यमुना के प्रदूषण पर भी चिंता जताई। बोले, अब दिल्ली में भी रामभक्तों की सरकार आ गई है। मां गंगा की तरह यमुना मैया भी अविरल और निर्मल होंगी।








