BNP NEWS DESK। satellites of saturn ग्रहों की खोज की दिशा में विज्ञानियों ने शनि (शैटर्न) ग्रह के 128 नए उपग्रहों का पता लगा लिया है। इंटरनेशनल एस्ट्रोनामिकल यूनियन के माइनर प्लेनेट सेंटर ने खोजे गए इन उपग्रहों की सूची 14 मार्च को जारी की है। नए उपग्रहों के साथ शनि के कुल उपग्रहों की संख्या अब 274 हो गई है, जो हमारे सौरमंडल में किसी भी अन्य ग्रह के उपग्रहों से सर्वाधिक है।
satellites of saturn नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के वरिष्ठ खगोल विज्ञानी डा. शशिभूषण पांडेय ने बताया कि नए उपग्रहों की खोज ताइवान में एकेडमिया सिनसिया स्थित इंस्टीट्यूट फार एस्ट्रोनामी एंड एस्ट्रोफिजिक्स के विज्ञानी एडवर्ड एश्टन के नेतृत्व में हुई है। इस खोज में कनाडा-फ्रांस-हवाई की दूरबीन का उपयोग किया गया।
शनि के किसी उपग्रह से टकराने के कारण नए उपग्रहों का निर्माण
विज्ञानियों का मानना है कि पूर्व में शनि के किसी उपग्रह से टकराने के कारण नए उपग्रहों का निर्माण हुआ होगा। यह टकराव मिलियन वर्ष पहले हुआ होगा। इससे पहले शनि के 146 ज्ञात उपग्रह थे। यह संख्या भी सौर मंडल के अन्य ग्रहों के उपग्रहों से काफी अधिक थी।
अब माइनर प्लेनेट सेंटर से खोजे गए शनि के नए उपग्रहों की कक्षा अनियमित हैं। उपग्रहों की खोज की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। इस खोज से उपग्रहों के निर्माण व विकास के बारे में जानने में मदद मिल सकती है। शनि सौर मंडल का दूसरा बड़ा ग्रह है और पृथ्वी से इसकी वर्तमान दूरी 1.585 अरब किलोमीटर है।
शनि के उपग्रह टाइटन पर जीवन की संभावना : डा. शशिभूषण पांडेय के अनुसार शनि के सबसे बड़े उपग्रह टाइटन पर जीवन की संभावनाओं को लेकर निरंतर अध्ययन जारी हैं। टाइटन का वातावरण लगभग पृथ्वी जैसा माना जाता है।
जहां समुद्र हैं, जिस कारण इस उपग्रह पर जीवन की अधिक संभावनाएं बनती हैं। अब शनि ग्रह के नए उपग्रहों की खोज के बाद विज्ञानियों व शोधार्थियों को इसके रहस्य जानने को अध्ययन में मदद मिलेगी।
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