रामकथा मन्दाकिनी शोभयात्रा रामनवमी को तुलसी घाट से निकलेगी

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Ramkatha Mandakini procession

BNP NEWS DESK।  Ramkatha Mandakini procession भारत में शोभायात्राओं की परंपरा बहुत पुरानी है। जिस काशी में गंगा तट के तुलसी घाट पर रामचरित मानस जैसे महान ग्रन्थ का सृजन हुआ हो. ऐसी नगरी में रामनवमी के दिन मी गंगा की आंचल पर ‘रामकथा मन्दाकिनी शोभयात्रा का तुलसी घाट से ही वार्षिक आयोजन अपने औचित्य एवं सार्थकता को स्वयं प्रमाणित करता है। इस शोभायात्रा के माध्यम से महादेव की नगरी काशी के श्रद्धालु भगवान श्री राम का साक्षात्कार करते हैं, उनके मर्यादित जीवन को अंगीकार करते हैं।
मंदाकिनी शोभा यात्रा के संयोजक श्री नवीन श्रीवास्तव जी ने बताया
Ramkatha Mandakini procession वर्ष 1988 में जब रामायण की धारावाहिक के रूप लोकप्रियता से पूरा भारतवर्ष राममय हो गया था, उस समय काशी की धर्मपरायण जनता को अवसर प्राप्त हुआ रामायण को जीवंत करने वाले कलाकारों के स्वागत एवं अभिनन्दन का। भारत विकास परिषद् के नेतृत्व में “श्री रामकथा मन्दाकिनी शोभायात्रा गंगा की लहरों पर बजड़े में राम दरबार की भव्य झांकी सजाकर निकाली गई, जिसके तुलसी घाट से प्रारम्भ होकर प्रह्लाद घाट पहुंचने तक सभी घाटों पर लाखों की संख्या में काशी की जनता ने हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ महादेव के आराध्य का स्वागत एवं अभिनन्दन किया।

अध्यक्ष हरीश वालिया जी सचिव उपाध्यक्ष शिशिर मालवीय जी डॉ कमलेश तिवारी जी भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष अजीत मेहरोत्रा मार्गदर्शक अभय सिंह जी एवं सेवा भारती और मंदाकिनी शोभा यात्रा के मार्गदर्शक राहुल सिंह ने जी  काशी के सभी सामाजिक संगठन भारत विकास परिषद एवं नागरिक बंधुओ से अपील की भारी संख्या में उपस्थित होकर शोभायात्रा में शामिल होकर शोभा बढ़ाएं ।

बच्चों द्वारा प्रभु के स्वागत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

येे यात्रा प्रत्येक वर्ष चैत्र मास की रामनवमी के पावन पर्व पर श्री रामकथा मन्दाकिनी शोभायात्रा का आयोजन होता चला आ रहा है।श्रीराम ने केवट शबरी, निषाद आदि को सम्मान देकर जन्म और जाति के आधार पर ऊँच-नीच की अन्याय मूलक मान्यताओं का उन्मूलन किया, जिसका पालन समिति द्वारा केवट बंधुओं को केसरिया साफा बांधकर किया जाता है। साथ ही गंगा के निर्मलीकरण और अवरिलता एवं घाटों की स्वच्छता का सन्देश भी इसी शोभायात्रा के माध्यम से प्रचारित किया जाता है।

अपनी संस्कृति एवं मां गंगा के महत्व से नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिए प्रहलाद घाट पर बच्चों द्वारा प्रभु के स्वागत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कराई जाती है जो बाल मन में संस्कारों की अमिट छवि जागृत करती है। कार्यक्रम के समापन से पूर्व विशिष्टजनों का सम्मान एवं तीन श्रेष्ठ झांकियों को पुरस्कृत किया जाता है। उक्त संदर्भ में एक पत्रकार बार्ता दिनांक 4 अप्रैल 2025 को सायंकाल 5:00 बजे होटल सूर्या में आयोजित किया गया है।

जिसमें मुख्य रूप से राहुल सिंह, अभय सिंह, नवीन श्रीवास्तव,हरीश वालिया, ज्ञानेश्वर जायसवाल,अजय मिश्रा, डॉ कमलेश तिवारी, डॉ शिशिर मालवीय, भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष अजीत मेहरोत्रा जी मौजूद थे।
इस वर्ष श्री रामनवमी पर श्री रामकथा मन्दाकिनी शोभायात्रा दिनांक 6 अप्रैल 2025 को सायंकाल 4 बजे से तुलसी घाट से निकलेगी। उक्त शोभायात्रा का समापन समारोह सायंकाल 7 बजे भैंसासुर घाट (राजघाट) होगा।

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Author: BNPNEWS

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