BNP NEWS DESK। UGC-NET गड़बड़ियों के चलते यूजीसी-नेट की पूरी परीक्षा भले ही रद कर दी गई है, लेकिन इस परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर जिस तरह चीजें उजागर हो रही हैं, वे चौंकाने वाली हैं। खासकर परीक्षा माफिया के हौसले किस तरह बुलंद हैं, इसका अंदाजा नीट पेपर लीक विवाद के बीच दूसरे पेपर को लीक करने के उसके साहस से लगाया जा सकता है।
परीक्षा माफिया ने यूजीसी-नेट के पेपर को न सिर्फ परीक्षा से एक दिन पहले लीक किया, बल्कि उसे इंटरनेट नेटवर्किंग साइट टेलीग्राम के जरिये देशभर में पहुंचाया भी। बाद में इसे पांच-पांच हजार रुपये में कोचिंग संस्थानों के जरिये छात्रों को बेचने की जानकारी भी सामने आई है। UGC-NET
UGC-NET यूजीसी-नेट पेपर लीक मामले की शुरुआती जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, पेपर लीक होने की जानकारी 17 जून को मिल गई थी। इसके बाद गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय को इसकी जानकारी दी गई। हालांकि, परीक्षा से पहले ऐसी झूठी घटनाओं को प्रसारित किए जाने के चलते इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। ऐसे में परीक्षा अपने तय समय (18 जून) पर दो शिफ्टों में देशभर में आयोजित हुई। परीक्षा के बाद एनटीए ने भी देश में परीक्षा के ठीक तरीके से संपन्न होने का दावा किया।
लेकिन सबके हाथ-पैर तब फूल गए, जब टेलीग्राम पर मिले पेपर का परीक्षा के बाद यूजीसी-नेट के दोनों शिफ्टों के पेपर से मिलान कराया गया। पता चला कि पहली शिफ्ट का पेपर और टेलीग्राम पर मिला पेपर हूबहू एक ही थे।
इसके बाद एनटीए और शिक्षा मंत्रालय हरकत में आए। तब तक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के पास भी पेपर लीक की जानकारी पहुंच गई थी। जिसे पांच-पांच हजार में देश के कई शहरों में बेचे जाने की भी जानकारी मिली।
यूजीसी-नेट पेपर लीक मामले पर नजर रख रहे उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो नीट का पेपर लीक होने की घटना के बाद से मंत्रालय ने आगामी दूसरी परीक्षाओं को लेकर साइबर एजेंसियों सहित दूसरी एजेंसियों को सतर्क कर रखा है। ऐसे में पेपर लीक होते ही तुरंत उसे पकड़ लिया गया। यह बात अलग है कि जांच में लंबा समय लग गया, अन्यथा परीक्षा को पहले ही रोका जा सकता था।
पेपर लीक की जांच कर रहे अधिकारियों ने यह बताने से इन्कार किया कि इस पेपर को किन-किन शहरों में बेचे जाने की जानकारी मिली थी। उनका कहना था कि इसकी जांच का जिम्मा सीबीआइ को दे दिया गया है, ऐसे में इनमें कुछ भी बताना जांच को प्रभावित करना है।








