मीरजापुर में गंगा में तैरता मिला ढाई किलो का पत्थर, मंदिर में हो रही पूजा

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Pumice Stone

BNP NEWS DESK।  Pumice Stone यूपी के मीरजापुर जनपद के सीखड़ गांव के सामने गंगा नदी में गत शुक्रवार को उतराए मिले पत्थर का सच सामने आ गया। जिसको लोग अलौकिक पत्थर मानकर पूज रहे थे वह प्यूमिस प्रजाति का पत्‍थर निकला है। बीएचयू के वैज्ञानिकों की टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच की और पत्थर को प्यूमिस बताया। प्यूमिस भी एक तरह का पत्थर ही होता है, क्योंकि इनमें छिद्र होने के कारण हवा भर जाती है। हवा भरने के कारण वह हल्का हो जाता है ऐसे में वह पानी में तैर सकता है।

त्रेतायुगीन पत्‍थर मानकर पूजा शुरू कर दी

मीरजापुर जिले के सीखड़ गांव के सामने गंगा नदी में शुक्रवार की सुबह एक तैरता हुआ पत्थर देख लोग अचंभित रह गए। गांव के लोगों ने पहले उसे आर्टिफ‍िशियल माना मगर जब उसे उठा कर देखा तो यह वजनी पत्‍थर निकला तो लोगों ने एक एक कर अपने हाथों से उसका वजन आंकने की कोशिश की तो यह काफी वजन का निकला। देखने में भी यह सामान्‍य पत्‍थर की भांति था और यह खोखला प्रतीत नहीं होने के बाद लोगों ने इसको त्रेतायुगीन पत्‍थर मानकर इसकी पूजा शुरू कर दी है।

 

वजन ढाई किलो है और इसकी लंबाई 9 ईंच व चौड़ाई 8.5 इंच

हेड आफ द डिपार्टमेंट जियोलाजी बीएचयू डा. बीपी सिंह व असिस्टेंट प्रोफेसर जियोलाजी डा. प्रदीप कुमार के मुताबिक प्यूमिस Pumice Stone मध्य भारत यानी दक्कन का पठार क्षेत्र में ज्यादा देखने को मिलता है। उन्होंने संभावना जताई कि चंबल नदी के जरिए होते हुए यह पत्थर पहले यमुना नदी में पहुंचा होगा, इसके बाद गंगा में आया होगा। हालांकि, यह प्यूमिस हिमालय में कम देखने काे मिलता है। गंगा में उतराए मिले पत्थर का वजन लगभग ढाई किलो है और इसकी लंबाई 9 ईंच व चौड़ाई 8.5 इंच है। डा. बीपी सिंह ने बताया कि पानी में कोरल्स भी तैरते हैं।

बता दें कि सीखड़ के लालपुर निवासी बचाऊ शर्मा सुबह गंगा नदी पर पिंडदान में शामिल होने गए थे, तभी उन्हें गंगा नदी में पत्थर उतराया हुआ दिखाई दिया। गांव के लोगों ने पत्थर को नदी से निकालकर बार-बार पानी में डूबोने का प्रयास किया, परंतु पत्थर नदी में तैरता ही नजर आया।

अलौकिक पत्थर मानकर नदी से निकालकर पास स्थित विष्णु भगवान के मंदिर में लाकर रख दिया

गांव वालों ने इसको अलौकिक पत्थर मानकर नदी से निकालकर पास स्थित विष्णु भगवान के मंदिर में लाकर रख दिया और लोगों की भीड़ जुटने लगी। हालांकि जियोलाजी के प्रोफेसर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अलौकिक पत्थर नहीं, बल्कि प्यूमिस Pumice Stone ही है। हालांकि, यह जानकारी सामने आने के बाद भी स्‍थानीय लोगों के मन में पत्‍थर के प्रति आस्‍था बनी हुई है।

BNPNEWS
Author: BNPNEWS

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