ईगल क्‍लब में आगमनी कार्यक्रम ‘महालया’ की होगी संगीतमय प्रस्तुति

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Eagle Club

BNP NEWS DESK।  Eagle Club ईगल वाराणसी की स्थापना सन् १९७० के दशक में कुछ उत्साहित युवाओं द्वारा 15 अप्रैल 1970 को बंगाला नववर्ष के शुभ दिन पर किया गया था। यह इस शहर के सबसे पुराने बंगाली संस्थाओं में से एक है। संस्थापकों ने एक ऐसे संघ की परिकल्पना की थी जो समाज के आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील हो, साथ ही हमारे गौरवशाली समुदाय के समृद्ध, सांस्कृतिक समृद्धता चित्रित करे।

ईगल पंछी की भांति हमारी परिकल्पना सामाजिक सदभावना और अध्यात्मिक आस्था को आकाश में ऊँची उड़ान भरते हुए अपना सामाजिक योगदान देने की है। साथ ही साथ हमारी प्राथमिकता सामाजिक परोपकार भी है। हमारे संस्था में औसतन 50 परिवार हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं, एवं हमारे साथ समाज के हर वर्ग से सम्बन्ध रखने वाले लोग भी जुड़ें हैं।

हमारे संस्था में महिलाओं एवं पुरूषों का समान स्थान होते हुए भी, महिलाओं का विशेष महत्व है। हमारी संस्था ने सन् 1995 में रजत जयंती वर्ष एवं सन् 2019 में स्वर्ण जयंती वर्ष बड़े हर्षोल्लास से मनाया है, एवं आगे हम सभी आगामी हीरक जयंती वर्ष की ओर गर्व से अग्रसित हैं।
संस्था अपना रविंद्रनाथ टैगोर पार्क (आई. पी. विजया मॉल, भेलूपुर के सामने) में समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती है। ईगल वाराणसी इस वर्ष अपने 54 वें वर्ष में पदार्पण कर रही है।

संस्था के इस वर्ष के अध्यक्ष उत्तम रॉयचौधरी, सचिव प्रदीप सेन, एवंम् कोषाध्यक्ष डा. कौस्तव चटर्जी हैं। इस वर्ष दुर्गा पूजा सचिव जयंत कुमार पॉल एवं कोषाध्यक्ष डा. प्रवीर कुमार घोष हैं। इस कार्यक्रम में पूर्व सचिव शांतनु भट्टाचार्या, एवं वर्तमान मीडिया प्रभारी रवि कुमार पॉल, एवं अन्य सभी पुरुष, महिला एवं बच्चों का सहयोग एवं योगदान उत्साहवर्धक है।

इस वर्ष के कार्यक्रम

15 अक्टूबर:
 छात्रों का चित्रकला प्रतयोगिता वर्ग अ- कक्षा 1-5, वर्ग ब- 6-8 में आयोजित होगा।
20अक्टूबर:
 सांयकाल देवी का बोधन, आमंत्रण एवं अधिवास, एवं पूजा प्रारंभ।
 सांय 7 बजे आगमनी कार्यक्रम ‘महालया’ का संगीतमय प्रस्तुति।
 तदुपरांत श्री प्रणव कुसुम भट्टाचार्या द्वारा गिटार वादन की प्रस्तुति।
21 अक्टूबर महासप्तमी:
 प्रातः 7 बजे देवी का नवपत्रिका पूजन।
 सांय 7 बजे बच्चों का कविता पाठ प्रतियोगिता, एवं महिलाओं का शंख ध्वनि, म्यूजिकल चेयर, एवं धुनुची नृत्य प्रतियोगिता ।
22 अक्टूबर महाष्टमी:
 विधित पूजा प्रातः 9 बजे प्रारंभ।
 संधि पूजा सांय 4:54 से 5:42 तक।
5. 23 अक्टूबर महानवमी:
 प्रातः 8 बजे से प्रारंभ।
 कुमारी पूजा 8:30 बजे प्रारंभ।
 सप्तशती हवन प्रातः 11 बजे प्रारंभ।
 सांय 7:30 बजे नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुति विभिन्न संथाओं के बच्चों द्वारा।
6. 24 अक्टूबर:
 प्रातः 9 बजे देवी का अपराजिता पूजा, दर्पण के माध्यम से माँ का विसर्जन, एवं घट विसर्जन।

सांय 5 बजे सधवा महिलाओं द्वारा सिन्दूर खेला कार्यक्रम।
सांय 7 बजे माँ दुर्गा का प्रतिमा विसर्जन।
प्रतिदिन प्रातः काल 9 बजे देवी को पुष्पांजलि अर्पित एवं प्रसाद वितरण होगा, एवं सांय 7 बजे महाआरती होगी।

BNPNEWS
Author: BNPNEWS

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