BNP NEWS DESK। Srikasi Natkottai श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर की भोग-आरती की 200 वर्षों से जिम्मेदारी संभालने वाली श्रीकाशी नाटकोट्टई नगर क्षेत्रम सोसाइटी सिगरा-रथयात्रा रोड पर धर्मशाला बना रही है। रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिलान्यास किया।
Srikasi Natkottai उन्होंने कहा कि तमिलनाडू का नाटकोट्टई समाज की शिव के प्रति अगाध श्रद्धा है। समाज के लोगों ने अपने व्यापार से पूरी दुनिया में सम्मान और गौरव प्राप्त किया। धर्मशाला उसका प्रतिरूप होगी। दक्षिण भारत से बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वालों को सहूलियत होगी। सीतारमण ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम जाकर दर्शन-पूजन भी किया।
नाटकोट्टई का 2000 वर्ष का इतिहास
निर्मला सीतारमण ने कहा कि नाटकोट्टई का 2000 वर्ष का इतिहास है। इसके प्रमाण दक्षिण पूर्व एशिया के कंबोडिया, वियतनाम आदि देशों में देखने को मिलता है। समाज ने सोमनाथ मंदिर में भी सहयोग किया था। उन्होंने धर्मशाला निर्माण कार्य में सभी को जुड़ने की अपील की। इसके लिए कोई भी 10000 रुपये दान देकर एक ईंट अपने हाथों धर्मशाला निर्माण कार्य में लगाकर भागीदार बन सकता है।
स्पिक के चेयरमैन व बीसीसीआइ के पूर्व अध्यक्ष डा. एससी मुथैया ने दो करोड़ रुपये का दान दिया। वह पहले एक करोड़ दे चुके हैं। तमिलनाडू मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिरामी रामनाथन ने एक करोड़ की सहायता दी। संस्था के अध्यक्ष नारायणनन ने कहा कि धर्मशाला अक्टूबर 2025 में तैयार हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। निर्माण यूसीआर कंस्ट्रक्सन कंपनी चेन्नई कराएगी।
धर्मशाला में दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं के अलावा अन्य क्षेत्रों के लोग भी निश्शुल्क ठहर सकेंगे। 67,500 वर्गफीट परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस धर्मशाला पर 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नारायणनन ने बताया कि जिस जगह पर धर्मशाला का निर्माण कराया जा रहा है, उस पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था।
2022 में इसकी शिकायत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई तो जमीन कब्जामुक्त हुई। सोसाइटी ने 1894 में जमीन खरीदकर नंदवन विकसित किया। इसके बेलपत्र व फूलों की माला बाबा विश्वनाथ को चढ़ाई जाती थी। यहां के गाय के दूध से ही बाबा का अभिषेक किया जाता है। इस दौरान तमिलनाडू के कानून मंत्री एस रघुपति, कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, बीएचयू के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन समेत कतिरेशन आदि उपस्थित रहे। संचालन मंगया करसी अलागप्पम ने किया।








