BNP NEWS DESK। iskcon temple varanasi इस्कॉन वाराणसी द्वारा रामनवमी के उपलक्ष्य में रामनवमी महोत्सव समारोह का आयोजन आज दुर्गाकुंड स्थित मंदिर प्रांगण में किया गया।
कार्यक्रम में भगवान श्रीराम के दिव्य गुणों की महिमा के माध्यम से मानवीय मूल्यों में आध्यात्मिक उत्थान, सांस्कृतिक समृद्धि और हार्दिक भक्ति का एक अनूठा अनुभव देखने को मिला। उत्सव की शुरुआत मंदिर अध्यक्ष अत्युत मोहन दास के सानिध्य में मनमोहक कीर्तन सत्र के साथ हुई। मधुर भजन हरे कृष्ण महामंत्र की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
iskcon temple varanasi उत्सव का मुख्य आकर्षण सीता, राम, लक्ष्मण और हनुमान के अति सुंदर रूप से सजे अर्चा विग्रहो पर किया गया पवित्र अभिषेक समारोह था। अभिषेक में जल, दूध, दही, रस, घी और सुगंधित फूलों सहित विभिन्न पवित्र पदार्थों से उपयोग किया गया। इस अवसर पर शबरी के जीवन पर आधारित भावपूर्ण नाटक ने लोगों को बहुत प्रभावित किया।
जिसमें एक भक्त शिष्या थी। जिसकी भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति ने सभी उपस्थित लोगों के हृदयों को छू लिया। उसके प्रेम और समर्पण के मार्मिक चित्रण ने कई लोगों के आँखों में आँसू ला दिया।
भावनात्मक नाटक के बाद, अपूर्व गोपाल प्रभु ने ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया।जिसमें राष्ट्र के लिए एकीकृत शक्ति के रूप में भगवान राम की भक्ति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कैसे भक्ति, समाज में एकता, शांति, समृद्धि और नैतिक अखंडता को बढ़ावा दे सकती है।जिससे व्यक्तियों को सद्गुण और धार्मिकता का जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।
उत्सव का समापन नृत्य कीर्तन के साथ हुआ।जिसने वातावरण को उल्लासपूर्ण ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर लोगों में प्रसाद वितरित किया गया।
महोत्सव में साक्षी प्रभु, मुरारी गुप्त दास, रसिक गोविंद दास सहित काफी संख्या में स्थानीय एवं दूरदराज के श्रद्धालु उपस्थित रहे।








