बीएनपी न्यूज डेस्क। संसद के 400 से अधिक कर्मचारियों के कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित होने के बाद, राज्यसभा सचिवालय ने कर्मचारियों की उपस्थिति को प्रतिबंधित करने का फैसला किया है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, 50 प्रतिशत कर्मचारियों या अवर सचिव या कार्यकारी अधिकारी के पद से नीचे के अधिकारियों को ‘घर से काम’ करने की आवश्यकता है। पता चला है कि उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने स्थिति की समीक्षा की और सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया। भीड़भाड़ से बचने के लिए सचिवालय का समय निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है और सभी आधिकारिक बैठकें वर्चुअल रूप से होंगी। विकलांग अधिकारियों और गर्भवती महिलाओं को कार्यालय में उपस्थित होने से छूट दी गई है। जांच के दौरान 400 से अधिक संसद कर्मचारियों कोरोना से संक्रमित पाये गये।
कोरोना से संक्रमित सभी लोगों में से 65 राज्य सभा से, 200 लोकसभा से और 133 संबद्ध सेवाओं से संबंधित हैं।
टेस्ट 6-7 जनवरी को हुआ था, जिसके रिजल्ट अब आये हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा सचिवालय के 65, लोकसभा सचिवालय के करीब 200 और संसद में काम करने वाले अन्य 133 लोग 4 से 8 जनवरी के दौरान कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। स्थिति को देखते हुए राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने फौरन निर्देश जारी किए कि सभी 1300 अधिकारियों और कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट किया जाए और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती होने और इलाज में मदद की जाए। साथ ही संक्रमण ठीक होने पर भी उनपर कड़ी निगरानी रखी जाए।






