भदोही में ताबड़तोड़ फायरिंग कर प्रधानाचार्य को मार डाला

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murder in mainpuri

BNP NEWS DESK।  Murder of Principal in Bhadohi श्री इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कालेज भदोही के प्रधानाचार्य 56 वर्षीय योगेंद्र बहादुर सिंह की सोमवार की सुबह 8.45 बजे अपने घर अमिलौरी से कालेज जाते वक्त बसावनपुर गांव के राजकीय नलकूप के पास अपाचे बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

वह कार से थे, बदमाशों ने उन्हें रोकने के लिए उनकी कार को ओवरटेक किया, रोकने के बहाने एक मोबाइल दिखाया और इशारों में कहा इसे आगे देना है। दोनों ने चेहरों पर कोई मास्क, हेलमेट नहीं लगाया था। इस पर प्रधानाचार्य ने समझा किसी का मोबाइल छूट गया है, उसके आगे देने को कहा जा रहा है, उन्होंने कार चालक रयां गांव निवासी संतोष सिंह से कार रोकने को कहा।

Murder of Principal in Bhadohi  कार रुकते ही बाइक पर पीछे बैठा युवक उतरा, उसने पहले ही अपनी कमर में पिस्टल खोंस रखी थी। कार का शीशा नीचे होते ही ताबड़तोड़ फायरिंग की। इससे गोली उनके पेट, सीने में लगी। बताया जा रहा कि उन्हें चार गोली लगी हैं। उसी बदमाश ने ने कार के अगले चक्के में गोली मारकर ब्रस्ट कर दिया।

गोली मारने के बाद दोनों बदमाश बाइक से मोढ़ होते हुए जौनपुर की ओर भाग निकले। सूचना पर डीआइजी, एसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस पहुंच गई। घटना स्थल से .32 बोर के चार खोके बरामद किए। हत्यारों की गिरफ्तारी को पुलिस ने तीन टीमें गठित की है।

योगेंद्र बहादुर रोज की तरह अपने घर से सुबह साढ़े बजे कालेज के लिए निकले। गाड़ी उनका 15 साल पुराना चालक संतोष चला रहा था। घर से लगभग एक किमी दूर पहुंचे ही थे कि बाइक सवार युवकों ने घटना को अंजाम दिया। कार चालक ने ग्राम प्रधान को सूचना दी, इससे कुछ ही देर में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, उन्हें लेकर महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल पहुंचे, चिकित्सक ने देखते ही मृत घोषित कर दिया।

जानकारी पर कालेज प्रबंधक आशीष सिंह बघेल समेत कालेज के सभी शिक्षक, कर्मचारी अस्पताल पहुंच गए थे। वह छह भाइयाें में तीसरे नंबर के थे। 1991 में कामर्स प्रवक्ता उनकी नियुक्ति नेशनल इंटर कालेज में हुई थी। कालेज के प्रिसिंपल डा.अनुराग मिश्र के तबादले के बाद एक जुलाई को वरिष्ठता के आधार पर उन्हें कालेज के प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

गिरफ्तारी को तीन टीमें गठित

हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो रहा। वैसे हत्याराें की पहचान को मोढ, सुरियावां व आसपास के बाजारों में सीसीटीवी फुटेज चेक कराए जा रहे हैं। गिरफ्तारी को तीन टीमें गठित की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा कि उन्हें कितनी गोलियां लगी हैं पर मौके से चार खोके बरामद हुए हैं वह .32 बोर के हैं।

घर पर रहते थे पति पत्नी

मिलनसार स्वभाव के चलते योगेंद्र बहादुर सिंह लोगों में काफी लोकप्रिय थे। उनकी हत्या का क्या कारण रहा, यह स्पष्ट नहीं हो सका। छोटे भाई इंद्रबहादुर सिंह घटना से हतप्रभ रहे, कहा कि उनके परिवार की किसी से ऐसी रंजिश नहीं है कि किसी की हत्या हो जाय। उनका किसी से विवाद भी नहीं था। दो बेटियों की शादी हो चुकी है, उनका एक बेटा है वह मुंबई में नौकरी करता है व परिवार के साथ वहीं रहता है। इससे वह पत्नी के साथ घर पर रहते थे।

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Author: BNPNEWS

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