नववर्ष पर छह लाख से ज्यादा श्रद्धालु विंध्यधाम में नवाएंगे शीश

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BNP NEWS DESK। Vindhyadham नव्य-भव्य विंध्यधाम आकार ले चुका है जो इस बार नववर्ष पर पहली बार नए दृष्टिकोण से नयनाभिराम का साक्षी बनेगा। पिछले वर्ष नववर्ष के दिन करीब छह लाख श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के चरणों में शीश नवाया था तब धाम अभी आकार ले रहा था। हालांकि इस बार सब-कुछ बदल गया है।

ऐसे में इस बार रिकार्ड टूटने की उम्मीद है। विंध्यधाम में बिहार, दिल्ली, झारखंड, मध्य प्रदेश, यूपी समेत अन्य प्रदेशों से छह लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर प्रशासन से लेकर पुलिस तक सतर्क है।

हालांकि न्यू ईयर 2025 पर भक्तों के भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए चरण स्पर्श पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए प्रशासन व विंध्य पंडा समाज ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया है।

दर्जनों होटल फुल, वीवीआइपी भी धाम में नवाएंगे शीश

Vindhyadham एक जनवरी को नववर्ष का प्रथम दिन होगा, ऐसे में ज्यादातर श्रद्धालु 31 दिसंबर की रात को ही विंध्याचल पहुंच जाएंगे। आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि रविवार को ही विंध्याचल के लगभग दर्जनों होटल फुल हो गए।
पिछली बार की तरह इस बार भी वीवीआइपी धाम में शीश नवाने पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्टील की बैरिकेडिंग पहले से ही हो चुकी है जो नवरात्र में स्थापित की गई थी।

मंगला आरती के बाद शुरु होगा दर्शन-पूजन

एक जनवरी को भोर में मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर का प्रवेश द्वार खोल दिया जाएगा। विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए दूर-दूर से भक्त पहुंचेंगे। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा विंध्यधाम गुंजायमान हो उठेगा। Vindhyadham

फसाड लाइट के साथ ही जगमग रहेंगे चारों प्रवेश द्वार

गर्भगृह विंध्याचल मंदिर परिसर में जाने के लिए चारों मार्ग यथा पक्का घाट, कोतवाली गली, नई वीआईपी और पुरानी वीआईपी मार्ग फसाड लाइट से जगमग होंगे जो श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद भक्त कालीखोह और मां अष्टभुजा के दर्शन के लिए भी जाएंगे।

भक्त आसानी से मां के धाम में दर्शन कर सकेंगे

अगर आप सिद्धपीठ मां विंध्यवासिनी धाम में नववर्ष 2025 पर दर्शन के लिए आ रहे हैं तो आप आसानी से मां के धाम में दर्शन कर सकेंगे। हालांकि चरण स्पर्श नहीं कर पाएंगे। श्रद्धालु झांकी व दोनों द्वार से कतारबद्ध होकर दर्शन कर सकेंगे। Vindhyadham

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर पंडा समाज के सदस्य और पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंडित पंकज द्विवेदी ने बताया कि आम दिनों में मंदिर में श्रद्धालु सुबह मंगला आरती के बाद आठ बजे तक चरण स्पर्श दर्शन कर सकते हैं, हालांकि रविवार, मंगलवार व पूर्णिमा पर चरण स्पर्श पर प्रतिबंध रहता है। नववर्ष पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है ऐसे में भक्तों की सुविधा के लिए ही चरण स्पर्श पर रोक रहेगी ताकि किसी को दिक्कत न हो और सभी भक्त मां का दर्शन कर सकें।

विंध्यधाम के 100 मीटर दायरे में नहीं बिकेगा तंबाकू

100 मीटर के दायरे में तंबाकू की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यदि किसी ने ऐसा किया तो खाने और बेचने पर कोटपा के तहत कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना वसूला जाएगा।

विंध्यधाम को जोन और सेक्टर में बांटते हुए तैनात किए गए मजिस्ट्रेट

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने विंध्यधाम को जोन और सेक्टर बांटते हुए मजिस्ट्रेट को तैनात किया है। साथ ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। कहा कि श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करके शांतिपूर्वक घर जाएं। बताया गया कि 31 दिसंबर व नए वर्ष पर देशभर से भारी संख्या लोग विंध्याचल मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने आते है।
इसमें सबसे अधिक पूर्वाचल के जनपदों के लाेग शामिल होते हैं। इससे रात से लेकर एक जनवरी को पूरे दिन तक यहां भारी भीड़ जमा हो जाती है। यातायात संचालन के लिए भी पुलिस को निर्देश दिया गया है।

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Author: BNPNEWS

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