BNP NEWS DESK। Entry with burqa in Telangana सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें दिख रहा है कि एक परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले बुर्का पहने हुए एक महिला को आसानी से एंट्री दी जा रही है। और, वह महिला बाकायदा बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश कर रही है।
वहीं, इसी वीडियो में कुछ महिलाओं को परीक्षा केंद्र में घुसने से पहले खुद ही अपनी चूड़ियां तोड़ते, पायल और झुमके उतारते देखा जा सकता है। इस वीडियो को सेकुलरिज्म इन तेलंगाना के टैग के साथ शेयर किया जा रहा है. और, तेलंगाना के सीएम केसीआर को मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए निशाने पर लिया जा रहा है। जबकि, असली सेकुलरिज्म यही है। बुर्का पहने महिलाओं को परीक्षा केंद्र क्या राष्ट्रपति भवन तक में बिना रोक-टोक के प्रवेश मिलना ही चाहिए। हिंदू महिलाओं का क्या है? सारे नियम तो वैसे ही उन पर लागू होते रहे हैं। फिर चूड़ी-पायल-झुमका वगैरह उतारना कौन सी बड़ी बात है?
तेलंगाना में ताजा विवाद सामने आया है, जहां एक परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने के लिए हिंदू महिलाओं से मंगलसूत्र उतारने के लिए कहा गया। जबकि मुस्लिम महिलाओं को बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र में जाने की अनुमति दे दी गई। यह घटना 16 अक्टूबर 2022 की है। उस दिन तेलंगाना राज्य लोक सेवा परीक्षा द्वारा आयोजित ग्रुप-1 की प्रारंभिक परीक्षा चल रही थी।
कब और कहां हुई यह घटना
यह घटना 16 अक्टूबर (रविवार) को तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित ग्रुप-1 प्रारंभिक परीक्षा के दौरान आदिलाबाद के विद्यार्थी जूनियर एंड डिग्री कॉलेज में हुई। घटना का एक वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया गया है जिसमें बुर्का पहने महिला परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर रही है। जबकि अन्य महिलाओं को केंद्र तक पहुंचने के लिए अपने गहने उतारते हुए देखा जा सकता है। भाजपा नेता प्रीति गांधी ने यह वीडियो शेयर करते हुए सवाल किया है कि परीक्षा केंद्र में बुर्के की अनुमति है लेकिन झुमके, चूड़ियां और पायल को हटवाया जा रहा है। यह तुष्टिकरण की राजनीति का चरम है। इसके बाद राज्य के अन्य भाजपा नेताओं ने भी ट्विटर का सहारा लिया और तेलंगाना राष्ट्र समिति सरकार पर तीखे हमले किए और कहा कि टीआरएस अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। भाजपा नेताओं ने सवाल किया कि कैसे हिंदू महिला/लड़की उम्मीदवारों को चूड़ियां, पायल, पैर की अंगुली की अंगूठी, चेन, झुमके और यहां तक कि ‘मंगलसूत्र’ तक हटाने के लिए कहा गया जबकि संबंधित अधिकारियों ने मुस्लिम महिलाओं को ‘बुर्का’ पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति दे दी।






