गंगा का जलस्‍तर बढ़ने से देव दीपावली की बढ़ी दुश्वारी

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water level of Ganga

BNP NEWS DESK।  water level of Ganga  मोंथा चक्रवात के प्रभाव से बारिश के कारण बढ़े गंगा के जलस्तर का असर पांच नवंबर को पड़ने वाले देव दीपावली पर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। लगभग आठ सेंटीमीटर बढ़े जलस्तर के कारण कुछ घाटों पर जाने के लिए बने रास्ते पानी में डूब चुके हैं। एक दूसरे घाट को जोड़ने वाले रास्ते इतने संकरे हैं कि हजारों की भीड़ का यहां से गुजरना दुष्कर है। मीरघाट का अन्य घाटों से संपर्क टूट चुका है।

जानकी व छेदीलाल घाट पर जाना खतरे से खाली नहीं

water level of Ganga सबसे खराब स्थिति भदैनी से जानकी घाट और इसके सटे छेदीलाल घाट पर जाने वाले मार्ग की है। इन दोनों घाटों को जोड़ने वाले मार्ग पर पूरा पानी भरा है। भदैनी घाट से जानकी घाट पर जाने के लिए इस समय विकल्प के तौर पर संकरी पत्थर की सीढ़ी ही एक मात्र रास्ता है। विडंबना यह कि यह सीढ़ी घाट की तरफ पूरी तरह खुली हुई है जिसकी गहराई आठ फुट से ज्यादा है। भीड़ के कारण धक्का-मुक्की में घाट पर सीधे तौर से लोगों के गिरने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इस घाट से छेदी लाल घाट जाने वाले मार्ग पर लबालब पानी भरा है। इसका कोई विकल्प नहीं है। पानी लांघ कर ही जाना संभव है।

भदैनी घाट मार्ग अत्यंत संकरा

तुलसीघाट से भदैनी घाट जाने का मार्ग लगभग आठ फुट चौड़ा है। एक तरफ दीवार तो दूसरी तरफ गंगा है। यहां नगर निगम ने गंगा की ओर बैरिकेडिंग कर दी है। तुलसीघाट से इस घाट पर जाने के लिए सीढ़ियां बनी हैं। यहां हर वर्ष भीड़ ज्यादा होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार तुलसीघाट पर कंस वध की लीला के बाद कंस के पुतले के गिरे भाग को लेकर भागने की होड़ में अक्सर यहां भगदड़ की स्थिति होती है। यहां संकरा रास्ता होने के कारण महिलाओं के साथ बदसलूकी की शिकायत भी होती है।
पूरे भदैनी घाट पर रास्ता संकरा होने के साथ भी गंगा की ओर दलदल है। हालांकि नगर निगम ने दलदल की तरफ बैरिकेडिंग कर दी है लेकिन यह नाकाफी है। इस घाट पर दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।

असि घाट पर फैली है सिल्ट तो तुलसी घाट पर गड्ढे

असि घाट पर बाढ़ से आई सिल्ट चारों ओर फैली है जिसे नगर निगम के मजदूर दिनभर समतल करने में लगे रहे लेकिन यह व्यवस्था अपेक्षाकृत यथोचित नहीं है। तुलसीघाट प्लेटफार्म के नीचे पानी लबालब भरा है तो घाट सिल्ट व गड्ढों से युक्त है। इस घाट पर श्रीकृष्ण लीला के क्रम में कंस वध की लीला के कारण काफी भीड़ एकत्रित होती है।

अन्य घाटों पर भी संकरे मार्ग

राजाघाट व सोमेश्वर घाट जैसे समेत दर्जनभर घाट ऐसे हैं जहां मार्ग काफी संकरा है। इन घाटों पर भीड़ नियंत्रित करना टेढ़ी खीर है।

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Author: BNPNEWS

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