बीएनपी न्यूज डेस्क। बीएचयू ऑफलाइन क्लास चलाने के लिए छात्रों की ओर से जारी आंदोलन सफल रहा। बुधवार को बीएचयू प्रशासन ने बैठक कर विश्वविद्यालय को ऑफलाइन कक्षाओं के लिए खोल देने का निर्णय ले लिया। विश्वविद्यालय खोलने के साथ ही छात्रों के लिए छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी जाएगी। छात्रावास के एक कमरे में अब दो छात्र एक साथ रखे जाएंगे। अभी तक कोरोना की वजह से एक रूम में एक ही छात्र को रहने की अनुमति दी गई थी।
पीएचडी और अंतिम सेमेस्टर की कक्षाएं गुरुवार से ही आरंभ हो जाएंगी जबकि तृतीय सेमेस्टर की कक्षाओं को आरंभ करने के लिए 21 फरवरी का समय दिया गया है। प्रथम सेमेस्टर की कक्षाओं के लिए नए छात्रों को अभी प्रतीक्षा करनी पड़ेगी, शीघ्र ही प्रशासन निर्णय लेकर उन्हें इसके बारे में सूचित करेगा। कोविड-19 वैश्विक महामारी को लेकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय विगत 23 महीने से बंद चल रहा था, कक्षाएं आनलाइन संचालित हो रही थीं। इधर कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद जब अन्य विश्वविद्यालय व संस्थान खुलने लगे थे तो भी बीएचयू के न खुलने से परेशान छात्र विश्वविद्यालय को पूरी तरह खोलने के लिए आंदोलित थे। कई चरणों में विभिन्न छात्र संगठनों ने इसे लेकर बीते दिनों धरना-प्रदर्शन किया था। इधर दो दिनों से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रनेता और छात्र कार्यकर्ता भी कुलपति आवास के सामने इसी मांग को लेकर अनिश्चित कालीन धरना पर बैठ गए थे। छात्र संगठनों के आंदोलन तथा कोरोना के घटते प्रभाव को देखते हुए सरकार द्वारा संस्थानों के पूर्णरूपेण खोलने के निर्णय के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी बुधवार को बैठक की, इसमें विश्वविद्यालय को पूरी तरह से खाेलने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई। इस अधिसूचना के बाद छात्र संगठनों ने अपने आंदोलन को वापस ले लिया है।








