BNP NEWS DESK। Congress justice journey हिंदी पट्टी के तीन प्रमुख राज्यों में हार को पीछे छोड़ते हुए अगले साल आम चुनावों से पहले कांग्रेस अपने जनाधार को मजबूत करने के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में 14 जनवरी से मणिपुर से मुंबई तक भारत न्याय यात्रा निकालने जा रही है।
Congress justice journey पूरब से पश्चिम तक की यह यात्रा 67 दिनों की अवधि में 14 राज्यों के 85 जिलों से होकर गुजरेगी। पार्टी को भरोसा है कि यह यात्रा उसके लिए राहुल गांधी की इस साल हुई भारत जोड़ो पदयात्रा (कन्याकुमारी से कश्मीर तक) की तरह मददगार साबित होगी।
पार्टी ने इस समय अशांति के दौर से गुजर रहे मणिपुर का चयन शुरुआती स्थल के रूप में कर अपने राजनीतिक इरादे भी जाहिए कर दिए हैं।
राहुल गांधी की 139 दिनों तक चार हजार किलोमीटर से अधिक की भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में चुनावी जीत हासिल की है।
न्याय यात्रा 6,200 किलोमीटर की होगी और यह ज्यादातर बसों पर होगी। बीच-बीच में यह पदयात्रा का भी रूप लेगी। इसका समापन 20 मार्च को मुंबई में होगा।
न्याय यात्रा में कांग्रेस का फोकस देश के लोगों के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर रहेगा, जबकि भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी ने आर्थिक विषमता, ध्रुवीकरण और कथित तानाशाही के मुद्दे उठाए थे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यात्रा का संदेश ‘सबके लिए न्याय’ है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने न्याय यात्रा की जानकारी देते हुए कहा कि इसे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 14 जनवरी को इंफाल से रवाना करेंगे। यह यात्रा नगालैंड, असम, मेघालय, बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात से होते हुए महाराष्ट्र में समाप्त होगी।
अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने हैं। इस लिहाज से कांग्रेस इस यात्रा को अपने लिए बड़ा अवसर मान रही है। आम चुनाव का एलान यात्रा के अंतिम दौर में ही हो सकता है। पार्टी को भरोसा है कि जिस तरह राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने के साथ ही आम जनता का ध्यान अपनी ओर खींचा था। ठीक उसी तरह पार्टी न्याय यात्रा के माध्यम से भी लोगों से संपर्क स्थापित कर सकेगी।
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस 28 दिसंबर को नागपुर में पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर मेगा रैली करने जा रही है। इस रैली को ‘हैं तैयार हम’ नाम दिया गया है और यह अगले साल के लोकसभा चुनाव की तैयारी की पार्टी की घोषणा की तरह है।
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि न्याय यात्रा के दौरान महिलाओं, युवाओं और निर्धन-वंचित वर्गों के साथ संवाद के सत्र भी होंगे। भारत जोड़ो यात्रा के मुकाबले इसमें कम समय में ज्यादा दूरी तय की जाएगी, क्योंकि यात्रा का ज्यादातर हिस्सा बसों के जरिये पूरा होगा। यह यात्रा 21 दिसंबर को कांग्रेस कार्यसमिति में सर्वसम्मति से पारित किए गए प्रस्ताव के बाद हो रही है, जिसमें राहुल गांधी से यह आग्रह किया गया था कि वह एक और यात्रा निकालें।
यात्रा की शुरुआत के लिए मणिपुर के चयन के पीछे के तर्क के बारे में पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने कहा कि यह देश का अहम हिस्सा है। पार्टी पूर्वोत्तर के इस राज्य के लोगों के घावों पर मरहम भी लगाना चाहती है।
जयराम ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के जरिये राहुल गांधी ने एकता, प्रेम और सौहार्द्र का संदेश दिया था। इस बार वह लोगों के न्याय के लिए यात्रा पर निकलेंगे।
यह पूछे जाने पर कि क्या इसमें विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए के दल भी शामिल होंगे, जयराम ने कहा कि अंतिम तौर पर चीजें तय की जा रही हैं। भारत जोड़ो यात्रा में भी तमाम दलों के नेता शामिल हुए थे।








