कोयला कारोबारी नंद किशोर रूंगटा की हत्या कर शव को प्रयागराज में ठिकाने लगा दिया

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Nand Kishore Rungta

Bnp  news desk। Nand Kishore Rungta मुख्तार अंसारी ने विश्व हिंदू परिषद के कोषाध्यक्ष व कोयला कारोबारी नंद किशोर रूंगटा का अपहरण कराया था। इसके पीछे उसकी मंशा चुनाव लडऩे के लिए पैसे का इंतजाम का इंतजाम करना था। तीन करोड़ की फिरौती के लिए मुख्तार ने अपने गुर्गे पांच लाख के इनामी अताउर रहमान उर्फ बाबू उर्फ सिकंदर को इस वारदात को अंजाम देने के लिए लगाया था।

हत्या कर शव को प्रयाग राज में ठिकाने लगा दिया गया था

Nand Kishore Rungta वर्ष 1997 में भेलूपुर थाना क्षेत्र की जवाहर नगर कालोनी में रहने वाले कोयला कारोबारी के घर बाबू खुद हजारीबाग का कोयला कारोबारी विजय बनकर गया था। घर में बिजनेस डील को लेकर बातचीत के दौरान इनामी बाबू चाय पीने व दस्तावेज दिखाने के बहाने उन्हें घर से बाहर ले गया। इस दौरान कार में बैठाकर कुछ देर तक उसने नंद किशोर रूंगटा को घुमाया। कोयला कारोबार से जुड़े फर्जी दस्तावेज भी दिखाए।

इसके बाद चाय पिलाई। चाय में नशीला पदार्थ मिला होने के कारण नंद किशोर सुधबुध खो बैठे। इसके बाद 22 जनवरी 1997 को उनके घर फोन कर परिवारीजन को उनके अपहरण की जानकारी देते हुए तीन करोड़ रुपये की पेशकश की। जानकारों का कहना है कि इसमें एक करोड़ की पहली किश्त दे भी दी गई लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला।

जानकारों की माने तो उनकी हत्या कर शव को प्रयाग राज में ठिकाने लगा दिया गया था। इसके बाद गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थानांतर्गत महरुपुर गांव निवासी अताउर रहमान उर्फ बाबू भाग कर नेपाल चला गया। इस मामले की सीबीआइ जांच भी हुई थी, लेकिन अताउर रहमान उनके हाथ नहीं लगा। मुख्तार ने नेपाल से उसे बुलाकर विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में भी लगाया। अताउर रहमान ने ही सभी शूटरों का इंतजाम किया था।

रुंगटा का 22 जनवरी 1997 को अपहरण हुआ था

वाराणसी के थाना भेलूपुर पर महावीर प्रसाद रुंगटा ने एक दिसंबर 1997 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पांच नवंबर 1997 को शाम पांच बजे टेलीफोन पर उन्हें मुख्तार ने धमकी दी कि अगर पुलिस का सहयोग करेंगे तो बम से उड़ा दिया जाएगा। उनके भाई नंदकिशोर रुंगटा का 22 जनवरी 1997 को अपहरण हुआ था।

कैसे बना मुख्तार का खास अताउर

दरअसल अताउर रहमान मुख्तार अंसारी का रिश्तेदार बताया जाता है। दोनों गाजीपुर के मोहम्मदाबाद के ही रहने वाले हैं। मुख्तार अंसारी का गांव यूसुफपुर है। वहीं सिकंदर के नाम से चर्चित अताउर महारुपुर का रहने वाला है। फिलहाल पुलिस और सीबीआई दोनों इस बहरूपिए की तलाश कर रही है।

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Author: BNPNEWS

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