BNP NEWS DESK। Ropeway in Varanasi दशाश्वमेध व्यापार मंडल व क्षेत्रीय नागरिकों की बैठक गोदौलिया स्थित एक दुकान में हुई। इसमें गोदौलिया चौराहे पर रोपवे का स्टेशन बनाने से होने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई। व्यापारियों का कहना था कि इससे क्षेत्रीय नागरिकों व दुकानदारों के आने-जाने में दिक्कत होगी। व्यापार भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। व्यापारियों ने प्रशासन से बीच का रास्ता निकालने की मांग की है ताकि व्यापार चौपट न हो। इस ओर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने भी अपनी पीड़ा रखेंगे।
Ropeway in Varanasi विगत कई दिनों से स्मार्ट सिटी के अधिकारियों की ओर से गोदौलिया क्रासिंग से चारों दिशाओं में जाने वाले मार्गों पर लाल-पीला निशान लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रथयात्रा से आने वाले रोप-वे का अंतिम स्टेशन गोदौलिया चौराहे के ठीक ऊपर बनाया जाएगा। इसके लिए चारों दिशाओं में जाने वाले मार्गों के दोनों तरफ दुकानों के आगे पिलर बनाकर सीढ़ियां और साथ में एस्केलेटर भी बनाया जाएगा।
व्यापारियों ने कहा कि यह क्षेत्र काशी का ह्रदय स्थल है। यहां काशी के प्रमुख प्राचीनतम व्यापारिक केंद्र, मां गंगा की आरती एवं बाबा विश्वनाथ के दर्शन के के लिए तीर्थ यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कुछ पर्वों पर आने वाले तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों की संख्या तो लाखों में पहुंच जा रही है।
लोगों को पैदल चलने की जगह नहीं रहती है, ऐसी स्थिति में इस प्रकार के निर्माण करने से पहले से ही संकरी यहां की सड़क पर 8-10 विशालकाय पिलर बनाने से समस्या और बढ़ जाएगी। साथ ही सायंकाल आरती छूटने के समय जो विशाल भीड़ का दबाव रोज बनता है उसमें रोपवे से आने वाली भीड़ का दबाव बढ़ने से स्थितियां काबू से बाहर होने की भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
नाला सुरक्षित रखते हुए लगाएंगे रोपवे का टावर, अधिग्रहित होंगे मकान
रोपवे परियोजना के लिए गोदौलिया से गिरिजाघर के मध्य टावर स्थापित करने के लिए जारी गतिरोध दूर कर लिया गया है। सहमति बनी है कि करीब तीन किलोमीटर लंबे नाले को सुरक्षित रखते हुए टावर इंस्टाल किए जाएंगे, इसके लिए प्रशासन चार मकानों का अधिग्रहण करेगा। रोपवे का एलाइनमेंट थोड़ा बदलेगा। टावर स्थापना के लिए स्थान चिह्नित कर लिया गया है। एनएचएलएमएल (नेशनल हाईवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड) ने समग्र आंकलन किया है, लेकिन इन दोनों स्टेशनों पर प्री-फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर रखे जाएंगे। रोपवे स्टेशन के निकट शाही नाला और घोड़ा नाला के साथ ओल्ड ट्रंक सिस्टम को भी सुरक्षित रखा जाएगा।








