बांकेबिहारी मंदिर कारिडोर को लेकर दिक्कत क्या : हाई कोर्ट

SHARE:

Thakur Banke Bihari

BNP NEWS DESK।  Banke Bihari Temple Corridor मथुरा-वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में दर्शनार्थियों की सुविधा व सुरक्षा के लिए प्रस्तावित कारिडोर निर्माण मामले की सुनवाई में सोमवार को सेवायतों की तरफ से याचिका की पोषणीयता सहित कुंज गली व चार पुरातात्त्विक महत्व के मंदिरों के ध्वस्तीकरण पर आपत्ति जताई गई। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस पर पूछा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पहल में दिक्कत क्या है। मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।

Banke Bihari Temple Corridor  सेवायतों की तरफ से अधिवक्ता संजय गोस्वामी ने याचिका की पोषणीयता पर आपत्ति की। उन्होंने कहा कि इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट तक ने हस्तक्षेप नहीं किया। दोबारा जनहित याचिका दायर की गई है। मंदिर गोस्वामियों की निजी संपत्ति है। पूजा और चढ़ावे पर उन्हीं का अधिकार है। सरकार कोरिडोर के बहाने मंदिर पर आधिपत्य की कोशिश कर रही है। सेवायतों के पूजा के अधिकार में हस्तक्षेप करना चाहती है। याचिका खारिज की जाए। प्लेसेस आफ वर्शिप एक्ट की धारा तीन किसी भी पूजा स्थल की स्थिति में बदलाव पर रोक लगाती है। इसका उल्लघंन दंडनीय अपराध है।

मंदिर प्रसिद्ध गायक तानसेन के गुरू हरदास संप्रदाय के हैं

चारों तरफ कुल 14 मंदिर हैं। कारिडोर से इसमें छेड़छाड़ करने की कोशिश की जा रही है। मंदिर प्रसिद्ध गायक तानसेन के गुरू हरदास संप्रदाय के हैं। सरकार इन मंदिरों को ध्वस्त करना चाहती है, जो गैरकानूनी है। मंदिर का संचालन कमेटी कर रही है। तीन सौ परिवार मंदिर की पूजा अर्चना में लगे हैं। सरकार मंदिर के प्रबंधन में हस्तक्षेप न करें तो उन्हें कोरिडोर से आपत्ति नहीं होगी।

मंदिर के भीतर से सरोकार है, बाहर क्या हो रहा है, उससे सेवायतों का सरोकार नहीं है। मंदिर को परंपरा के मुताबिक ही चलते रहने देना चाहिए। सरकार कारिडोर के नाम पर वृंदावन की कुंज गली व दो मंदिरों का पौराणिक स्वरूप बिगाड़ना चाहती है। ये बांकेबिहारी मंदिर के आसपास पुरातत्व विभाग के संरक्षण वाले मंदिर हैं। कोरिडोर योजना में उन्हें ध्वस्त करने की कोशिश कर वृंदावन का मूल धार्मिक स्वरूप बिगाड़ा जा रहा है। इसकी अनुमति न दी जाए।

इस पर कोर्ट ने पूछा, श्रद्धालुओं कि सुरक्षा व सुविधा के लिए कानून के तहत कार्रवाई में क्या दिक्कत है। क्या वे (याचिकाकर्ता) श्रीकृष्ण जन्म के समय की स्थिति कायम रखने की मांग कर रहे हैं। अतिक्रमण किया गया है। लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार कदम उठाएगी। याची अधिवक्ता श्रेया गुप्ता ने आपत्ति को निराधार करार दिया।

BNPNEWS
Author: BNPNEWS

[ays_poll id=1]
सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें