BNP NEWS DESK। Library in Kashi पण्डित ताराचरण साहित्याआचार्य के जन्मतिथि के उपलक्ष्य पर जंगमबाड़ी स्थित बंग साहित्य समाज प्रेक्षागृह में एक संगोष्ठी के आयोजन के साथ साथ बंग साहित्य पत्रिका का विमोचन व विरेश्वर दास स्मृति काहानी प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण किया गया।
इसमें प्रथम पुरस्कार मेरी नाथन, दुबई की कहानी धातव आहार को तीन हजार पुरस्कार दी गई।
द्वितीय पुरस्कार सुमित्रा राय, नई दिल्ली की कहानी छायासंगी को दो हजार और तृतीय पुरस्कार श्रीपर्णा बंदोपाध्याय, कोलकता कीकहानी : रतन को एक हजार रुपये दिया गया।
समस्त पुरस्कार स्व. विरेश्वर दास दोस्त देवव्रत मौलिक ने दिया। प्रो. सुब्रत भट्टाचार्य, सचिव ने साहित्याचार्य के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दिया और उन्होंने कहा कि आज के दिन में भी लाइब्रेरी का कितना महत्व है। पुस्तकालय में बैठकर किताब पढ़ने का आंनद ही अलग है। वाराणसी में पुस्तकालयों का बहुत महत्व था। एक बार पुन: काशी में पुस्तकालयों की श्रृंखला को विकसित करना होगा।
कार्यक्रम में कविता पाठ पार्थ बंदोपाध्याय, श्रेष्ठा सिन्हा और गायन मेघा गांगुली व देवव्रत दासगुप्ता ने प्रस्तुत किया। सिन्थिसायजर पर शुभांकर चैटर्जी ने साथ दिया।
संचालन देवाशीष दास और आभार प्रकट चन्द्र शेखर मल्लिक ने प्रकट किया। कार्यक्रम में प्रो. जगत कुमार राय,प्रो. प्रशान्त सरकार, आशीष कुमार बोस, लिपिका भट्टाचार्य, ममता बैनर्जी, सौरभ चक्रवर्ती, डॉ बिन्दु लाहिड़ी, रवि खास्तगीर, मृत्युंजय, चन्द्र शेखर मुखर्जी, संजय भट्टाचार्य आदि उपस्थित रहे।








