BNP NEWS DESK। Kinnar Mahamandaleshwar Hemangi सावन के चौथे सोमवार के मौके पर किन्नर महामंडलेश्वर हेमांगी सखी अपने भक्तों के साथ सोमवार को ज्ञानवापी परिसर स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक करने पहुंचीं लेकिन अनुमति नहीं मिलने की वजह से पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने उनको आगे नहीं जाने दिया तो उन्होंने गेट नंबर चार के पास ज्ञानवापी के सामने खुद को अर्द्धनारीश्वर मानते हुए जलाभिषेक किया और ज्ञानवापी के मुक्ति की कामना कर वापस लौट गईं।
Kinnar Mahamandaleshwar Hemangi सावन के सोमवार के मौके पर वह ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग का जलाभिषेक करने की मांग कर रही थीं। हालांकि, प्रतिबंधित क्षेत्र में जलाभिषेक करने की उनकी मांग को पुलिस और प्रशासन ने नहीं माना और प्रतिबंधों का हवाला देकर उनको रोक दिया। अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने खुद का अर्द्धनारीश्वर के तौर पर जलाभिषेक कर ज्ञानवापी के लिए कामना की।
महामंडलेश्वर के पीआरओ अजीत के अनुसार दशाश्वमेध घाट से कलश में गंगाजल लेकर धाम के गेट नंबर चार से प्रवेश कर जलाभिषेक करने उनको जाना था लेकिन जिला प्रशासन की अनुमति नहीं होने से गेट नंबर चार पर ही किन्नर महामंडलेश्वर पर ही जलाभिषेक कर प्रतीक के तौर पर जलाभिषेक की मान्यता को पूरा किया। बताया कि भक्त महामंडलेश्वर को अर्द्धनारीश्वर मानते हैं। इस दौरान हेमांगी सखी का भक्तों संग वहां शिव तांडव भी करने का कार्यक्रम प्रस्तावित था लेकिन सुरक्षा कारणों से मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उनको वहां से हटा दिया।








