BNP NEWS DESK। Tajiya Procession वाराणसी में ताजिया जुलुस के दौरान बड़ा बवाल हो गया। ताजिया जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के सिया और सुन्नी समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए। जिसके बाद बवाल बढ़ गया। इस दौरान जमकर ईंट-पत्थर चले। जिसमें पुलिस की जीप समेत लगभग 20 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस उपद्रव में 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर हैं। वहीं 6 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
ताजिया ले जाने के दौरान सिया सुमदाय के लोगों ने विरोध किया
Tajiya Procession प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जैतपुरा थाना क्षेत्र के दोषीपुरा मैदान में सिया समुदाय की ताजिया बैठाई जाती है। मुहर्रम की दोपहर में दोषीपुरा के पीछे स्थित नयापुरा इलाके से करीब 20 ताजिया लेकर सुन्नी सुमदाय के लोग दोषीपुरा की ओर बढ़ गए। बताया जा रहा है कि यह मार्ग पहले से ही प्रतिबंधित था।
इस मार्ग पर ताजिया ले जाने के दौरान सिया सुमदाय के लोगों ने विरोध किया और उनके आगे खड़े हो गए। जिसके बाद बवाल बढ़ा और दोनों ओर से कुछ देर में ही पथराव और बवालबाजी शुरु हो गई। उपद्रव का दृश्य कुछ ऐसा था कि मैदान के आसपास मौजूद हर मकान की छतों और बालकनी से पत्थरों की बौछार हो रही थी। पथराव में 30 से अधिक लोग घायल हो गए, जिसमें से छह की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस जीप समेत 20 से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त सिया और सुन्नी समुदाय के बीच हुए इस उपद्रव में पीएससी कैंप और पुलिसकर्मियों की बाइक भी उपद्रव की भेंट चढ़ गई।
दरअसल, जब बवाल शुरु हुआ तो दोषीपुरा मैदान में स्थित पीएसी कैंप में मौजूद जवान और जैतपुरा थाने की पुलिस माहौल को नियंत्रण करने में जुट गई। जिसपर उपद्रव कर रहे कुछ युवकों ने पीएसी कैंप और मौके पर खड़ी पुलिस कर्मियों की बाइकों में तोड़ फोड़ कर दिया।
पथराव और उपद्रवियों की भीड़ देख पीएसी के जवान और पुलिस को भी पीछे हटना पड़ गया। दो गुटों में हुए विवाद को लेकर वाराणसी पुलिस कमिश्नर ने बताया कि ताजिये को लेकर विवाद हो गया था। फ़िलहाल शांति है। हमलोग बात कर रहे हैं। जो लोग घायल हैं, उन्हें अस्पताल भेजा गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।








