BNP NEWS DESK। CUET UG 2023 विश्वविद्यालय के स्नातक कोर्सों में दाखिले के लिए आयोजित विश्वविद्यालयीन सामान्य प्रवेश परीक्षा ( सीयूईटी) अंडर ग्रेजुएट में बड़ी गडबड़ी सामने आयी है।
CUET UG 2023 जिसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से दर्जनों सवालों के गलत जवाब बताए है। इसका खुलासा तब हुआ है, जब एनटीए की ओर से इसकी उत्तर पुस्तिका जारी की गई है।
हालांकि इन सवालों के जवाब अभी अंतिम नहीं है। एनटीए ने परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को गलत जवाबों को चुनौती देने के लिए एक जुलाई तक का समय दिया है।
बावजूद इसके छात्रों ने एनटीए की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े कर दिए है।
जनरल टेस्ट में पूछे गए करीब 16 सवालों के जवाब गलत पाए गए
इस बीच जो जानकारी सामने आयी है, उनमें सबसे अधिक गड़बड़ी 30 मई को तीसरी पाली में आयोजित परीक्षा की उत्तर पुस्तिका में देखने को मिली है। इसमें जनरल टेस्ट में पूछे गए करीब 16 सवालों के जवाब गलत पाए गए है।
इसी तरह गणित, भौतिकी और दूसरे विषयों के भी दर्जनों सवालों के उत्तर गलत पाए गए। खासबात यह है कि इनमें से कई ऐसे सवाल है, जिसका एनटीए ने जो सही जवाब दिए है,उसे देख छात्र अभी अचंभित है।
पंचतंत्र के लेखक लियो टाल्स्टाय को बताया गया
जनरल टेस्ट में पूछे गए एक सवाल में एनटीए ने एक ऐसे विकल्प को सही बताया गया है, जिनमें पंजाब, राजस्थान व गुजरात की सीमाओं के चीन से जुड़ने की होने की बात है, वहीं पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और असम की सीमाओं के पाकिस्तान से मिला हुआ बताया गया है।
इसी तरह एक सवाल में पंचतंत्र के लेखक लियो टाल्स्टाय को बताया गया है, जबकि उनकी पुस्तक वार एंड पीस के लेखक प्लेटो को बताया गया है।
अलग-अलग छात्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 30 मई को तीसरी पाली के उत्तर पुस्तिका ने जिन सवालों के जवाब गलत बताए गए है, उनमें सवाल संख्या-3,7, 9, 12, 13, 31, 33, 35, 36, 40, 45, 50, 55, 57 और 60 है। दूसरे विषयों में भी कई सवालों के जवाब अब तक गलत पाए गए है।
जल्द ही और भी सवालों को चुनौती दी जाएगी
इस बीच कई छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि उन्होंने एनटीए की ओर से बताए गए गलत उत्तरों को चुनौती दे दी है। साथ ही वह और भी सवालों की पड़ताल में जुटे है।
जल्द ही और भी सवालों को चुनौती दी जाएगी। हालांकि इस सब के बीच सवाल यह है कि यदि छात्रों ने इन सवालों को नहीं जांचा होता, तो एनटीए की ओर से गलत जवाबों को ही सही मानकर परिणाम भी जारी कर दिया जाए।
फिलहाल एक ही पाली की परीक्षा में जिस तरीके से इतनी बड़ी संख्या में सवालों के गलत उत्तर मिले है, उससे छात्रों को बड़ा नुकसान हो जाता है। इस दौरान एनटीए से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो पायी।
गौरतलब है कि सीयूईटी-यूजी में देश भर के करीब 25 लाख छात्रो ने हिस्सा लिया है। वहीं इस बार ढाई सौ से अधिक विश्वविद्यालय इनमें शामिल हुए है, उनमें करीब 44 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 44 राज्य विश्वविद्यालय, 32 डीम्ड विश्वविद्यालय और 134 निजी विश्वविद्यालय है।






