BNP NEWS DESK। Monsoon Rain किसानों और बढ़ती गर्मी से परेशान लोगों के लिए अच्छी खबर है कि हफ्ते भर के इंतजार के बाद गुरुवार को मानसून का केरल में प्रवेश हो गया। देर रात तक पूरे राज्य में मानसूनी वर्षा शुरू हो गई है।
Monsoon Rain दक्षिण तमिलनाडु के अधिकतर हिस्सों, मन्नार एवं उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी की ओर मानसूनी हवाएं तेजी से आगे बढ़ने लगी हैं, किंतु अरब सागर के चक्रवात के साये से अभी चार-पांच दिनों तक बाहर नहीं निकल पाएगा। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि लगभग एक सप्ताह तक मानसून की स्थिति कमजोर रह सकती है।
हालांकि यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि देर से मानसून के आने का असर वर्षा की मात्रा पर नहीं पड़ेगा। मौसम विभाग (आइएमडी) ने इस बार सामान्य वर्षा का अनुमान जारी कर रखा है। उसका कहना है कि ‘अलनीनो’ की स्थिति विकसित होने के बावजूद मानसूनी मौसम के दौरान 94 से 106 प्रतिशत तक बारिश हो सकती है। कृषि कार्य के लिए वर्षा की यह स्थिति सामान्य की श्रेणी में आती है।
सामान्य तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल के तटीय भागों में पहुंचने की तिथि एक जून है, लेकिन इस बार सात दिन की देरी से पहुंचा। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) के पूर्वानुमान गलत साबित होते रहे। आईएमडी के पहले अनुमान में एक जून की बात कही गई थी, जबकि दूसरे में चार जून की भविष्यवाणी की गई थी।
आंकड़े बताते हैं कि पिछले करीब डेढ़ सौ वर्षों के दौरान मानसून के केरल पहुंचने की तिथियां हमेशा भिन्न रही हैं। वर्ष 1918 में समय से बहुत पहले 11 मई को ही आ गया था, जबकि 1972 में सबसे ज्यादा देर से 18 जून को आया था। इसी तरह पिछले वर्ष 29 मई, 2021 में तीन जून, 2020 में एक जून, 2019 में आठ जून और 2018 में 29 मई को मानसून ने केरल में दस्तक दी थी।
बिहार-यूपी में भी देर से होगी मानसूनी वर्षा
आइएमडी का कहना है कि अरब सागर के बिपरजाय चक्रवात ने मानसून की गति रोक दी है। चक्रवात अब पाकिस्तान की ओर बढ़ रहा है। फिर भी कम से कम चार दिनों तक भारत में इसका असर देखा जा सकता है।
अगले हफ्ते से मानसूनी हवाएं जोर पकड़ लेंगी और उत्तर भारत के राज्यों की ओर तेजी से बढ़ेंगी। झारखंड, बिहार एवं यूपी के पूर्वी हिस्से में मानसून के पहुंचने में अभी आठ से 12 दिनों तक लग सकते हैं।
सामान्य तौर पर बिहार में आठ से दस जून तक मानसून का प्रवेश माना जाता है। पूर्वी यूपी तक पहुंचने में चार से पांच दिन अतिरिक्त लगते हैं। आइएमडी का कहना है कि दिल्ली, पश्चिमी यूपी एवं हरियाणा तक मानसून जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पहुंच सकता है।








