BNP NEWS DESK । Langur in Varanasi शहरों और कस्बों में बंदरों की वजह लोग खूब परेशान हैं। वाराणसी में तो कई इलाकों में घरों की छतों पर पूरी तरह से बंदरों का कब्जा है। बंदरों सूखते पकड़े फाड़ देते हैं तो पानी की टंकी को भी तोड़ते हैं। इतना ही नहीं कई बार बच्चों को भी चोट पहुंचा देते हैं। बंदरों के आतंक के परेशान वाराणसी के लोग अब लंगूर लेकर आए हैं।
Langur in Varanasi ये लंगूर असली नहीं बल्कि नकली हैं। लंगूरों के ये कटआउट लोग घरों की छतों और दुकानों के बाहर लगा रहे हैं। इससे बंदरों को भगाने में आसानी हो रही है। इसे देखते हुए इनकी बिक्री भी बढ़ गई है।
असली लंगूर समझकर भाग जाते हैं बंदर
वाराणसी के इलाकों खासतौर से पुराने शहर में बंदरों का काफी आतंक है। सामान उठाने के साथ-साथ बंदरों की वजह से लगातार लोगों को चोटें भी लग रही हैं। इससे परेशान लोगों ने बाजार से लाकर लंगूर का कटआउट छतों पर और बालकनी में लगा दिया है। बंदर इसे असली समझते हैं और भाग जाते हैं।
ऐसे में कटआउट काफी कारगर साबित हो रहा है। दुकानदार कई साइज में लंगूर के कटआउट बेच रहे हैं। इन कटआउट की कीमत 500 से एक हजार रुपए तक है। बंदरों से परेशानी को देखते हुए काफी लोग कटआउट लेने पहुंच रहे हैं।
महीने भर में ही सैकड़ों बिक चुके हैं
वाराणसी में दिन-प्रतिदिन बंदरों के झुंड का बढ़ता आतंक देख नाटी इमली क्षेत्र स्थित प्रिटिंग प्रेस कारोबारी सोनू यादव ने लंगूर का कटआउट बनाकर खुद प्रयोग के तौर पर छत के उपर रखा जिसका परिणाम रहा कि बंदर उस क्षेत्र में आना छोड़ दिए।
अब वह सफलता से उत्साहित होकर लंगूर का कटआउट बेचकर मुनाफा भी कमा रहे हैं। बताते हैं कि महीने भर में ही सैकड़ों बिक चुके हैं और मांग है कि कम होने का नाम नही ले रही।








