BNP NEWS DESK | Magh Mela 2023 प्रयागराज के संगम की रेती संत व श्रद्धालुओं से गुलजार हो गई है। गुरु-शिष्य का समागम भी हुआ है। हर प्रमुख संत ने शिष्यों के साथ संगम व गंगा में डुबकी लगाई| और जनकल्याण की कामना की। स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी, हर्षचैतन्य ब्रह्मचारी, अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम, स्वामी शंकराश्रम, अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विलमदेव आश्रम ने गंगा में स्नान करके शिविर में पूजन करके कल्पवास की तपस्या आरंभ कराया।
Magh Mela 2023 वहीं, खाकचौक व्यवस्था समिति के प्रधानमंत्री महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, स्वामी रामतीर्थ दास, हिटलर बाबा, साध्वी डा. राधाचार्या, राधिका वैष्णव, गोपाल दास, महंत दिलीप दामोदर दास, विश्वेश्वरानंद सरस्वती, परमहंस प्रभाकर जी महाराज, स्वामी अवधेश दास, स्वामी विश्वस्वरूप ब्रह्मचारी, स्वामी हरिप्रिया दास ने सनान के बाद भजन-पूजन आरंभ कर दिया। मौनी बाबा शिविर से संगम तक लेटकर परिक्रमा करते हुए पहुंचे। स्नान के बाद शिविर में आकर दीपों का यज्ञ आरंभ किया। संतों के शिविर में भंडारा आरंभ हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। चंद दिनों बाद रामलीला व रासलीला का आरंभ हो जाएगा।
कोरोना जांच की भी व्यवस्था
शुक्रवार सुबह से शाम तक त्रिवेणी अस्पताल में 72 और गंगा अस्पताल में 55 मरीज पहुंचे| जिनकी सर्दी से तबीयत बिगड़ गई थी। मुख्य चिकित्साधिकारी डा.आशू पांडेय के मुताबिक श्रद्धालुओं की कोरोना जांच की व्यवस्था भी है। माघ के प्रवेश स्थलों पर भी थर्मल स्कैनिंग मशीन से जांच हुई।
सुरक्षा और सत्कार के पहले टेस्ट में मेला पुलिस पास
माघ मेला पुलिस के लिए पहला स्नान पर्व एक चुनौती की तरह था। अलग-अलग जिलों से आए पुलिसकर्मियों को डयूटी पर तैनात करने से पहले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से शिष्टाचार से पेश आने का प्रशिक्षण दिया गया था। सुरक्षा में भी अलर्ट रहना था। दोनों ही उद्देश्य में सफल रही मेला पुलिस। पुलिस आयुक्त रमित शर्मा, एसएसपी मेला राजीव नारायण मिश्र सहित अन्य पुलिस अधिकारी रात से ही मेला क्षेत्र में भ्रमण पर थे। भोर से ही कंट्रोल रूम से तमाम सीसीटीवी फुटेज के जरिए पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी होती रही। ड्रोन कैमरों से भी मेला का हवाई निरीक्षण होता रहा। एसटीएफ और एटीएस के कमांडो भी मेले में अलर्ट रहे।
इंतजाम
संगम समेत गंगा किनारे 14 घाट, ये घाट छह हजार रनिंग फीट एरिया में
संगम नोज, अक्षयवट, बड़े हनुमान मंदिर में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट तैनात
श्रद्धालुओं के लिए कई स्थानों पर अलाव की भी व्यवस्था कराई गई








