वाराणसी में गंगा पार से श्रीकाशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग और गंगा आरती का होगा दर्शन

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BNP NEWS DESK। Kashi Vishwanath Dham अध्यात्म की नगरी काशी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण होने के साथ पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की कई योजनाएं धरातल पर आ चुकी हैं और कई जल्द ही दिखाई पड़ेंगे। गंगा में दो बड़े और दो छोटे जलयान चलने के साथ लोग नौका विहार का आनंद उठा रहे हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग एवं गंगा आरती के सुगम दर्शन के लिए राजघाट से रामनगर तक बनेगी फोरलेन सड़क और सिग्नेचर ब्रिज तथा टेंट सिटी बसाया जा रहा है जिससे पर्यटकों को ठहराया जा सके।


गंगा पार दशाश्वमेध घाट के सामने बनेगा हेलीपैड व पार्किंग

Kashi Vishwanath Dham श्रीकाशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग एवं गंगा आरती के सुगम दर्शन के लिए गंगा पार रेती पर राजघाट से रामनगर तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क और सिग्नेचर ब्रिज का ब्लू प्रिंट तैयार होने के साथ राजस्व विभाग को सर्वे करने का निर्देश दिया गया है। राजस्व विभाग की टीम तैयार ब्लू प्रिंट को आधार मानकर जमीन का सीमांकन करेगी जिससे यह साफ हो सकेे कि सरकारी और काश्तकार की जमीन कितनी है।

कई बार ऐसा होता है कि सर्वे और किसानों को मुआवजा देने के बाद मालूम होता है कि अधिक जमीन क्रय कर ली गई या दूसरी तरफ और जमीन खरीदनी है। गंगा पार राजघाट से रामनगर तक प्रस्तावित 8.15 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क पर कैबिनेट में मुहर लगने के साथ लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को जल्द से जल्द काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

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इन विभागों से मांगी गई है एनओसी

रेलवे बोर्ड, रक्षा संपदा, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, सिंचाई, वन विभाग वाराणसी व चंदौली, केंद्रीय जल आयोग, वाराणसी विकास प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

इनका मिला अनापत्ति प्रमाणपत्र

फोरलेन सड़क के लिए केंद्रीय जल आयोग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रेलवे बोर्ड की अनापत्ति प्रमाणपत्र मिल गई है। एनओसी देने में विलंब होने पर पीडब्ल्यूडी ने संबंधित विभाग को रिमाइंडर भेजा है। विभाग का मानना है कि जल्द ही सभी विभाग एनओसी दे देंगे।


पर्यटकों को यह मिलेगी सुविधा

तीन फिंगर जेटी (जहां जलयान को ठहराया जा सके) का निर्माण, मंदिर के लिए सिग्नेचर ब्रिज, हेलीपैड, हुनर हार्ट, फूड प्लाजा, किड्स प्ले जोन, योग सेंटर, ग्रीन पार्क, फिंगर जेटी के पास पार्किंग एवं सर्विस रोड।

परियोजना

लागत : 2372.09 करोड़ रुपये
सिग्नेचर ब्रिज-368.19 करोड़ रुपये
अधिग्रहण : 27.02 हेक्टेयर
बजट : 500 करोड़ मिला
लंबाई : 8.15 किलोमीटर
सिग्नेचर ब्रिज की लंबाई-1.025 किलोमीटर

एक सौ हेक्टेयर में बसेगी टेंट सिटी

गंगा पार रेती में टेंट सिटी की परिकल्पना धरातल पर आकर लेने लेगी है। अब काशी में देश-विदेश के पर्यटक खींचे चले आएंगे। इसमें देर भी नहीं होनी है। वाराणसी विकास प्राधिकरण ने दो कंपनियों को टेंट सिटी बसाने का जिम्मा सौंपा है। गंगा पार जमीन का सीमांकन होने के साथ कार्यदायी संस्था ने काम शुरू कर दिया है और जनवरी में आने वाले पर्यटक टेंट सिटी का आनंद उठा सकेंगे। एक सौ हेक्टेयर में टेंट सिटी बसेगी।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण होने के साथ काशी में पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला और पेईंग गेस्ट हाउस में कमरे खाली नहीं है। गंगा घाट और मंदिर के आसपास सप्ताहभर पहले कमरों की बुकिंग हो रही है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए गंगा पार रेती में टेंट सिटी बसाया जा रहा है जिससे आने वाले उसका आनंद उठा सके।

इस कंपनी को मिला जिम्मा

मेसर्स प्रेवेज कम्यूनिकेशंस (इंडिया)
मेसर्स लल्लू जी एंड संस

एक नजर में टेंट सिटी

-परियोजना स्थल : गंगा पार रेती
-परियोजना क्षेत्रफल : एक सौ हेक्टेयर
-टेंट की संख्या : न्यूनतम 200

ऐसे स्थापित होंगे टेंट सिटी

-विला : 900 वर्गफीट, 10 प्रतिशत
-सुपर डीलक्स : 480-580 वर्गफीट, 50 प्रतिशत
-डीलक्स 250-400 वर्गफीट, 40 प्रतिशत

टेंट सिटी में सुविधाएं

-स्विस या काटेजेस वातानुकूलित रहेगा। रिसेप्शन एरिया, गेमिंग जोन, रेस्टूरेंट, डायनिंग

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Author: BNPNEWS

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