BNP NEWS DESK। Badrinath Dham उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बीते दिनों हुई बर्फबारी के बाद अब प्रदेशभर में ठंड बढ़ने लगी है। सुबह और शाम लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, बदरीनाथ धाम में भी इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उत्तराखंड में सुबह और शाम कड़ाके की सर्दी पड़ने लगी है। वहीं पहाड़ी इलाकों में कहीं-कहीं शून्य के नीचे तापमान पहुंच रहा है।
रात के समय यहां तापमान शून्य से नीचे पहुंच रहा है। वहीं, ठंडके चलते धाम के पास बहने वाली ऋषि गंगा पूरी तरह जम चुकी है। बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद हो चुके हैं।
— Bharatnewspost (@Bharatnewspost1) December 2, 2022
धाम में इन दिनों पुलिस के जवान, बीकेटीसी के कर्मचारी और मास्टर प्लान के कार्य के लिए मजदूर काम कर रहे हैं। धाम में शाम को ठंड बहुत अधिक बढ़ रही है। रात तक यहां का तापमान शून्य से नीचे पहुंच रहा है।
हालांकि दोपहर में धूप खिलने पर कुछ राहत मिल रही है, लेकिन सुबह और शाम को ठंड से यहां रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड के चलते यहां बहने वाले नदी और झरने भी जम रहे हैं।

Badrinath Dham पेयजल लाइन के नलों पर भी पानी जम रहा है। बदरीनाथ धाम के पास बहने वाली ऋषि गंगा का पानी पहाड़ी पर ही जम गया है। इसके साथ ही हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी मौसम में ठंडक आ गई है।
उधर, जोशीमठ तहसील प्रशासन ने अभी तक 12 साधु-संतों को शीतकाल में बदरीनाथ धाम में निवास करने की अनुमति दी है। इस दौरान साधु-संत धाम में तपस्या करते हैं।

19 नवंबर 2022 को बंद किए जा चुके हैं बदरीनाथ धाम के कपाट
शीतकाल के लिए बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर 2022 को बंद किए जा चुके हैं। वहीं 12 साधु-संतों शीतकाल में बदरीनाथ धाम में निवास कर रहे हैं। ये साधु-संत धाम में तपस्या करने के लिए रुके हुए हैं। धाम में इन दिनों उत्तराखंड पुलिस के जवान, बीकेटीसी के कर्मचारियों के साथ मास्टर प्लान के कार्य करने वाली कार्यदाई संस्थाओं के मजदूर भी कार्य कर रहे हैं।
पहाड़ों में लगातार ठंड बढ़ने से सबसे बड़ी दिक्कत पानी जमने की हो रही है, इस कारण लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि दिसंबर से मई माह तक बदरीनाथ धाम बर्फ की सफेद चादर से ढका रहता है। धाम से हनुमान चट्टी तक बर्फ की मोटी परत जम जाती है।








