BNP NEWS DESK। Abbas Ansari मुख्तार अंसारी के पुत्र और मऊ सदर विधानसभा सीट से विधायक अब्बास अंसारी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रयागराज में आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया है। वहीं रविवार को सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि अब्बास अंसारी सुभासपा के नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के नेता हैं।
अब्बास अंसारी से किनारा करते नजर आए ओम प्रकाश राजभर
ओम प्रकाश राजभर रविवार को मऊ में स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती युवक को देखने के लिए पहुंचे हुए थे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अब्बास अंसारी मऊ सदर सीट से सुभासपा के सिंबल से चुनाव जरूर लड़े हैं लेकिन वह सपा के नेता और प्रत्याशी थे। उन्होंने बताया कि सुभासपा को गठबंधन के तहत 12 सीटें दी गई थी। इसमें से एक सीट मऊ सदर की भी थी। इस बीच अब्बास को पार्टी से निकालने के सवाल पर उनके द्वारा बताया गया कि यह चुनाव आयोग का काम है।
प्रत्याशी से रुपये लेने के आरोप को बताया निराधार
अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में रहने वाले ओम प्रकाश राजभर के इस बयान के बाद सियासी पारा चढ़ना लगभग तय हैं। ज्ञात हो कि माफिया मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी को ईडी की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया है। अब्बास की गिरफ्तारी के साथ ही ओम प्रकाश राजभर ने किनारा करना शुरू कर दिया है। वहीं इस बीच टिकट के लिए रुपये लेने के आरोप पर उन्होंने कहा कि सुभासपा ने किसी भी प्रत्याशी से कोई भी रुपये नहीं लिया है। यहां तक कई प्रत्याशी बहुत ही गरीब हैं और उन्हें पैसा देकर चुनाव लड़वाया गया है। भाजपा से नजदीकियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी दल और सभी नेताओं से उनका संबंध है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि सुभासपा 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। यह चुनाव बहुत ही रोचक होगा।
एक सवाल के जवाब में पूछा गया कि सपा मुखिया अखिलेश यादव सदर विधायक अब्बास अंसारी को सुभासपा के विधायक कहते हैं। इस पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अगर वह इस तरह कह रहे हैं तो जफराबाद विधायक से झंडा उतरवा दें। ईडी द्वारा प्रयागराज में उनकी गिरफ्तारी के बारे में पूछताछ करने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मनी लाड्रिंग मामले में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया है। ईडी को शक है। उनसे पूछताछ कर रही है। उनको सही-सही जवाब देना चाहिए। अदालत में वह अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि वह नीतियों का विरोध करते हैं। जो जनता के हित की बात नहीं करेगा, हम उसके विरोध में रहेंगे। सरकार में रहने के बावजूद हमने गलत नीतियों का विरोध किया था।






