Bnp News Desk। Jharkhand Crisis झारखंड में सरकार गिरने का दबाव अब ‘सोरेन सरकार’ पर साफ देखा जा सकता है। कुछ दिन पहले ही बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के ट्वीट से सोरेन सरकार गिरने की आकांक्षा जताई जा रही थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया में अपना आग से खेलने वाला बयान दिया था। सभी विधायक रायपुर के मेफेयर रिसॉर्ट में रुकेंगे। रिसॉर्ट के बाहर पुलिस की तैनाती का आदेश दिया गया है। मेफेयर रिसॉर्ट में सभी 47 कमरों को भी बुक किया गया है।
दरअसल भारत चुनाव आयोग ने झारखंड के मुख्यमंत्री के खिलाफ सीएम पद के द्रुपयोग का आरोप लगाया था. जिसके बाद राज्यपाल को इस बात की चिट्ठी लिखकर शिकायत की गई थी। वहीं अब UPA के विधायकों को बस में इकट्ठा करने के बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ले जाया गया है।
स्पेशल विमान से विधायक पहुंचे रायपुर
आज सीएम आवास में एक बार फिर से महागठबंधन के सभी विधायकों को बुलाया गया। जगन्नाथ महतो, अनूप सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, अंबा प्रसाद, बादल, सुदिव्य समेत 40 से अधिक विधायकों ने सीएम सोरेन के साथ बैठक में हिस्सा लिया। इसके बाद रांची एयरपोर्ट से विधायकों के लिए इंडिगो की स्पेशल फ्लाइट मंगाई गई और विधायकों को छत्तीसगढ़ के रायपुर पहुंचाया गया।
महागठबंधन ने राज्यपाल से कहा- चुनाव आयोग के फैसले की घोषणा नहीं करने से खरीद-फरोख्त को बढ़ावा
Jharkhand Crisis इससे पहले झामुमो के वरिष्ठ विधायक और मंत्री चंपई सोरेन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री की विधानसभा की सदस्यता रद्द करने बात कही जा रही है, ये सिर्फ अटकलें लगाई जा रही हैं लेकिन उनकी सदस्यता अब तक रद्द नहीं की गई है। साथ ही, उन्होंने कहा कि झारखंड में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार काम कर रही है। चंपई ने कहा, ‘‘चर्चा है कि निर्वाचन आयोग से पत्र आ गया है। लेकिन राज्यपाल ने अब तक कोई बात सामने नहीं रखी है। यह लोकतंत्र में जनता का अपमान है। ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जैसे कुछ बड़ा होने वाला है।’’
चंपई ने कहा कि अब दिल्ली में विधायकों की खरीद-बिक्री की भी बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले ऐसा ही महाराष्ट्र में देखने को मिला। उन्होंने पूछा, ‘‘आखिर मंशा क्या है बताया जाए। अगर राज्यपाल के पास कोई पत्र आया है तो उसे सामने लाया जाए। पूरे देश की इस पर नजर है। सभी को एक साथ देखकर भाजपा को सहन नहीं हो रहा है। राज्य को अराजकता की स्थिति में धकेला जा रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राज्यपाल के कंधो पर बड़ी जिम्मेदारी है जिसे उन्हें पूरा करना चाहिए। आज राज्य की जनता सुबह से शाम तक बस प्रतीक्षा कर रही है। हेमंत सोरेन की लोकप्रियता भाजपा को पच नहीं रही।’’








