BNP NEWS DESK। SWINE FLU वाराणसी शहर में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीएचयू अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने के बाद अब शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय में भी दो बुजुर्ग मरीज स्वाइन फ्लू पाजिटिव पाए गए हैं। दोनों को स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
कज्जातपुरा निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग और भदोही के 80 वर्षीय बुजुर्ग ने मंडलीय चिकित्सालय में स्वाइन फ्लू की जांच करवाई थी। इसके बाद सैंपल को एकत्रित करके बीएचयू आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में दो मरीज पाजिटिव पाए गए। चिकित्सकों ने तुरंत उन्हें स्वाइन फ्लू वार्ड में शिफ्ट कर आवश्यक दवाएं और निगरानी शुरू कर दी है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार दोनों मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है। पिछले कुछ दिनों से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले बढ़े हैं। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में पहले से कई मरीज इलाज करा रहे हैं। मंडलीय चिकित्सालय में भी आइसोलेशन वार्ड और आरक्षित बेड की व्यवस्था पहले से कर ली गई थी।
अब तक यहां मिल चुके इतने मरीज
अस्पताल में रोजाना ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। डाक्टर लक्षण वाले मरीजों का सैंपल एकत्र करा रहे हैं। मंडलीय चिकित्सालय में एक सप्ताह के अंदर 23 संदिग्ध मरीजों के सैंपल बीएचयू भेजे गए, जिसमें 10 पाजिटिव मिल चुके हैं। हालांकि आठ मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, दो का उपचार चल रहा है।
सीएमओ कार्यालय ने जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को किया अलर्ट
सीएमओ कार्यालय की ओर से जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट कर दिया गया है। मंडलीय चिकित्सालय, जिला अस्पताल और अन्य सरकारी अस्पतालों में फीवर हेल्प डेस्क और अलग ओपीडी की व्यवस्था की गई है। दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बचाव के यह अपनाएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मास्क पहनना, हाथ नियमित धोना, भीड़भाड़ से बचना और स्वच्छता का ध्यान रखना संक्रमण से बचाव के सबसे प्रभावी तरीके हैं। छींकते या खांसते समय रूमाल या कोहनी से मुंह ढकें। संदिग्ध लक्षण होने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराना बेहतर है।
रोजाना चार से पांच संदिग्धों के सैंपल बीएचयू भेजे जा रहे थे, जिसमें दो स्वाइन फ्लू के मरीज मिले है। इनको भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन रोग है। यह खांसने-छींकने से फैलता है। तेज बुखार, गले में दर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ इसके प्रमुख लक्षण हैं। लक्षण तीन दिन से ज्यादा बने रहने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। बिना सलाह एंटीबायोटिक या अन्य दवाइयां लेने से बचना जरूरी है।





