• Contact
  • Home
  • Privacy Policy
Tuesday, July 21, 2026
  • Login
Bharat News Post
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • प्रदेश
    • यूपी
    • दिल्‍ली
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • अन्‍य
  • राजनीति
  • विशेष
    • टेकज्ञान
    • धर्म
    • पर्यटन
    • मनोरंजन
    • रोजगार
    • शिक्षा
    • हेल्‍थ
  • खेल
  • अर्थ जगत
  • बात अपनी
  • अपराध
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • प्रदेश
    • यूपी
    • दिल्‍ली
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • अन्‍य
  • राजनीति
  • विशेष
    • टेकज्ञान
    • धर्म
    • पर्यटन
    • मनोरंजन
    • रोजगार
    • शिक्षा
    • हेल्‍थ
  • खेल
  • अर्थ जगत
  • बात अपनी
  • अपराध
No Result
View All Result
Bharat News Post
No Result
View All Result
Home विशेष

राम यात्रा पथ पर चलेगी मोरारी बापू की विशेष रामकथा

चित्रकूट, मध्य प्रदेश से श्रीलंका और वापसी में अयोध्या तक

BNPNEWS by BNPNEWS
October 25, 2025
in विशेष
Reading Time: 1 min read
0
Morari Bapu

राम यात्रा पथ पर चलेगी मोरारी बापू की विशेष रामकथा

22
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare to Whatsapp

BNP NEWS DESK।  Morari Bapu भारत को आध्यात्मिक, दार्शनिक और सनातनी रूप से एक सूत्र में पिरोने वाले 12 ज्योतिर्लिंगों पर करीब 2 वर्ष पूर्व राम कथा करने वाले राम कथा वक्ता मोरारी बापू 25 अक्टूबर से 4 नवंबर तक एक और विशेष राम कथा करने जा रहे हैं।

Morari Bapu  राम यात्रा पथ यानी वो मार्ग जिस पर चलकर भगवान राम 14 वर्ष का वनवास मिलने पर अयोध्या से चल कर वनों तक पहुंचे और मां सीता का हरण होने के बाद उन्हें ढूंढते हुए श्रीलंका तक गए। चित्रकूट, मध्य प्रदेश से श्रीलंका और वापसी में अयोध्या तक के 9 महत्वपूर्ण स्थानों पर होने वाली ये राम कथा प्रत्येक दिन नए स्थान पर होगी। इन स्थानों में ऐतिहासिक और पौराणिक रूप से महत्वपूर्ण अत्रि मुनि आश्रम, चित्रकूट… अगस्तय मुनि आश्रम, सतना, मध्य प्रदेश… पंचवटी, महाराष्ट्र.. शबरी आश्रम, सुरिबाना, कर्नाटक… ऋषिमुख पर्वत, हम्पी, कर्नाटक… प्रवर्शण पर्वत, कर्नाटक… रामेश्वरम, तमिलनाडु और कोलंबो, श्रीलंका शामिल हैं।

भगवान राम अत्रि मुनि के आश्रम और अगस्तय मुनि के आश्रम होते हुए पंचवटी पहुंचे

14 वर्ष के वनवास के लिए अयोध्या से निकलने के बाद भगवान राम अत्रि मुनि के आश्रम और अगस्तय मुनि के आश्रम होते हुए पंचवटी पहुंचे थे। जहां वनवास का एक बड़ा हिस्सा उन्होंने व्यतीत किया था। वहाँ से मां सीता का हरण होने के बाद उनकी खोज में भगवान राम शबरी आश्रम, ऋषिमुख पर्वत, प्रवर्शण पर्वत होते हुए रामेश्वरम पहुंचे थे और वहां से श्रीलंका पर चढ़ाई की गई थी। Morari Bapu

मोरारी बापू की राम कथा से  देश दुनिया के लाखों करोड़ों लोग एक बार फिर से विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे

मोरारी बापू की राम कथा से इन सभी ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के तीर्थों के बारे में देश दुनिया के लाखों करोड़ों लोग एक बार फिर से विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे जो की सनातनी प्रचार-प्रसार और भाव-प्रभाव के लिए इस समय बहुत ही महत्वपूर्ण प्रतीत हो रहा है।

बापू अकसर कहते हैं कि कथा कब और किस स्थान पर होगी, ये अस्तित्व तय करता है। हां, उसके लिए वो किसी न किसी को निमित्र अवश्य बनाता है। इस कथा के आयोजन में निमित्त मात्र बने हैं मिराज ग्रुप के मदन पालीवाल और रुपेश व्यास। इस तरह के आयोजन के लिए भक्ति भाव और फंड्स के साथ-साथ एक अलग तरह के जुनून की भी आवश्यकता होती है।
राम यात्रा पथ के प्रत्येक नए स्थान पर समय से पहुंचा जा सके और सुबह 10:00 बजे से कथा शुरू हो सके, इसके लिए एक विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई है।

12 ज्योतिर्लिंग की राम कथा के दौरान 1008 श्रद्धालुओं के लिए दो स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था की गई थी। राम यात्रा पथ पर होने वाली इस विशेष राम कथा में प्रतिदिन शामिल होने के लिए लगभग साढ़े तीन सौ श्रद्धालुओं के लिए एक स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था की गई है। Morari Bapu

26 अक्टूबर को अगस्त मुनि आश्रम में कथा होगी

 

24 अक्टूबर की शाम 8:00 बजे दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से ये स्पेशल ट्रेन चलेगी और अगले दिन सुबह चित्रकूट, मध्य प्रदेश पहुंचेगी। पहले दिन की कथा बाबू अपराह्न 4:00 बजे से लगभग 7:00 बजे तक करते हैं। उसके बाद ये ट्रेन सतना, मध्य प्रदेश पहुंचेगी जहां 26 अक्टूबर को अगस्त मुनि आश्रम में कथा होगी। 27 अक्टूबर को पंचवटी, महाराष्ट्र, 28 को शबरी आश्रम, कर्नाटक, 29 को ऋषिमुख पर्वत, हम्पी, करनाटक और 30 अक्टूबर को प्रवरशण पर्वत, कर्नाटक कथा होगी।

1 नवंबर को रामेश्वर के बाद 3 नवंबर को कोलंबो श्रीलंका में कथा होगी और 4 नवंबर को अयोध्या में कथा विराम लेगी। उसके बाद स्पेशल ट्रेन अयोध्या से चलकर अगले दिन सुबह 8:00 बजे दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन पर सभी श्रद्धालुओं को उतारेगी।  स्पेशल ट्रेन के लगभग 350 श्रोताओं के अलावा प्रत्येक स्थान पर आसपास के हजारों श्रोता कथा श्रवण का लाभ ले सकेंगे।

मोरारी बापू की सभी कथाओं में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं

 

हजार लोगों के अनुसार ही विशाल पंडाल आदि व्यवस्थाएं की जा रही हैं। वैसे भी मोरारी बापू की सभी कथाओं में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। कई बार तो ये संख्या लाखों में पहुंच जाती है। मोरारी बापू जो राम कथा कहते हैं, उसकी एक बड़ी विशेषता ये है कि रामचरितमानस के तमाम घटनाक्रमों को तो वो बताते ही हैं, साथ ही उसकी तात्विक और सात्विक व्याख्या भी करते रहते हैं। अक्सर बापू व्यास पीठ से ऐसी बातें भी बोल देते हैं जो पहले कभी ना सुनी गई हों।

हाल ही में बापू की कथा की एक क्लिप मैंने सुनी है। दान को लेकर हमारे शास्त्रों में बहुत सी बातें की गई हैं। धन के दान के साथ-साथ विद्या का दान या जो भी कला हममें है, उसका दान भी करना चाहिए, ये सब बातें कहीं जाती हैं लेकिन इस वीडियो मैं मैंने सुना कि बापू ने अपने नसीब के दान की अदभुत बात की है। यानी जो बहुत खुशनसीब हैं, उन्हें दूसरों लोगों को अपनी खुशनसीबी का अंश दान करना चाहिए।

सनातन धर्म और परंपराओं को मानने के वालों के लिए सर्वाधिक पूजनीय चार धाम

भारतवर्ष को अखंड और अक्षुण्ण रखने के लिए आध्यात्मिक जगत की विभूतियों ने समय-समय पर बड़े-बड़े प्रयास किए हैं। जिस समय ये प्रयास हो रहे होते हैं, भले ही उस समय उनका प्रभाव और उनका महत्व बहुत ज्यादा समझ में ना आता हो लेकिन शनै शनै हम महसूस करने लगते हैं कि वो प्रयास कितने महत्वपूर्ण थे। जगदगुरु आदि शंकराचार्य ने उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में चार पीठों की स्थापना कर भारत को अखंड रखा।

ये पीठ सनातन धर्म और परंपराओं को मानने के वालों के लिए सर्वाधिक पूजनीय चार धाम हैं जिन्हें हम केदारनाथ, रामेश्वरम, द्वारिका और जगन्नाथ पुरी के नाम से जानते हैं। कुछ ऐसे ही भौगोलिक रूप से देखें तो 12 ज्योतिर्लिंग भी भारत को आध्यात्मिक, दार्शनिक और सनातनी रूप से एक सूत्र में पिरोये रखने का अहम कार्य कर रहे हैं। इन सभी 12 ज्योतिर्लिंग पर मोरारी बापू राम कथा कर चुके हैं।

आज के समय में ईर्ष्या, निंदा और द्वेष से मुक्त हो जाना ही मोक्ष

हमारे ग्रंथो में मोक्ष का जिक्र किया गया है। लगभग प्रत्येक व्यक्ति मोक्ष के बारे में जानना चाहता है। 12 ज्योतिर्लिंग कथा के दौरान केदारनाथ में बापू ने मोक्ष संबंधी सवाल का जो जवाब दिया, वो हम सबके लिए बहुत उपयोगी है। बापू कहते हैं कि आज के समय में ईर्ष्या, निंदा और द्वेष से मुक्त हो जाना ही मोक्ष है। आज के दौर में हम देख रहे हैं कि एक दूसरे से ईर्ष्या, द्वेष और निंदा पहले की अपेक्षा बहुत बढ़ गए हैं। इनसे मुक्ति पाकर हम भी मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं, ऐसा मोरारी बापू मानते हैं। Morari Bapu

भगवान श्री राम ने लंका पर चढ़ाई के लिए यहीं से सेतु का निर्माण शुरू किया था

25 अक्टूबर से 4 नवंबर तक की राम यात्रा पथ पर मोरारी बापू की राम कथा का प्रत्येक पड़ाव बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसमें रामेश्वरम ऐसा स्थान है जहां मैं पहले भी कई बार जा चुका हूं। तीन बार तो बापू की राम कथा में एक श्रोता के रूप में शामिल होने का अक्सर मुझे मिला है। लंका पर चढ़ाई से पूर्व भगवान राम ने रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना कर पूजा अर्चना की थी। रामेश्वरम से आगे धनुष्कोटी है। भगवान श्री राम ने लंका पर चढ़ाई के लिए यहीं से सेतु का निर्माण शुरू किया था।

मोरारी बापू अपनी कथाओं में सेतुबंध का प्रसंग आने पर अकसर आज के समय में सभी विचारधाराओं के बीच, सभी व्यक्तियों और समूहों के बीच सेतु बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हैं, इसलिए भी ये स्थान मुझे बहुत महत्वपूर्ण दिखाई देता है। 12 ज्योतिर्लिंग की राम कथा के दौरान बाबू से एक सवाल इस विषय में भी किया गया था। बापू से पूछा गया था कि आप जिस सेतुबंध और एकता की बात कर रहे हैं, क्या इसके लिए सब लोग तैयार हैं, इस प्रश्न के जवाब में बापू ने कहा था कि … “तैयार होना ही पड़ेगा।”

दूर से या ऊपर से देखने पर शिवलिंग जैसा प्रतीत होता है

रामचरितमानस और रामायण के प्रसंगों में जिन स्थानों को बचपन से सुनते आ रहे हैं, उन्हें रूबरू अपनी आंखों से देखना एक अलग तरह का आनंद प्रदान करता है। ग्रंथों में दिए गए सभी स्थान महत्वपूर्ण हैं लेकिन धनुष्कोटी का स्थान और ज्यादा महत्व का इसलिए हो जाता है क्योंकि इस की भौगोलिक स्थिति आज भी वैसी ही दिखाई देती है जैसे कि ग्रंथों में बताई गई है। दोनों तरफ समुद्र के बीच से गुजरती कई किलोमीटर लंबी सड़क का जब आखिरी सिरा आ जाता है तो उसको इस तरह चौड़ाई दी गई है कि दूर से या ऊपर से देखने पर शिवलिंग जैसा प्रतीत होता है। दूर-दूर तक यहां आबादी के दर्शन नहीं होते। Morari Bapu

धनुष्कोटी से लेकर श्रीलंका के तलेमन्नार इलाके तक समुद्र के नीचे पुल के अवशेष मौजूद

यहां से श्रीलंका की दूरी महज 18 किलोमीटर है। यूपीए सरकार के दौरान तो रामसेतु के अवशेषों को भी तोड़ने के लिए सेतु और राम, दोनों को काल्पनिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दे दिया गया था। नासा ने पुष्टि की है कि धनुष्कोटी से लेकर श्रीलंका के तलेमन्नार इलाके तक समुद्र के नीचे पुल के अवशेष मौजूद हैं और सबसे बड़ी बात ये है कि ये पुल मानव निर्मित है। अभी भी भारत और श्रीलंका के बीच कई स्थानों पर द्वीपों के रूप में समुद्र के ऊपर सेतु आ जाता है। रामायण काल का ये सेतु संदेश दे रहा है कि जहां भी जरूरी हो सेतु अवश्य बनाना चाहिए। तभी सत्य, शक्ति और भक्ति रूपी सीता का मिलना संभव है। तभी बुराइयों के प्रतीक रावण का संहार मुमकिन है।

समुद्र के ऊपर सेतु कैसे बना होगा

धनुष्कोटी की तस्वीर से भी आप अंदाजा लगा सकते हैं कि समुद्र के ऊपर सेतु कैसे बना होगा। भारत और श्रीलंका के बीच समुद्र के बीच ऐसे 12 द्वीप लंबाई में नजर आते हैं। इन्हें जोड़ दिया जाए तो भारत श्रीलंका के बीच रामायण कालीन सेतु आज भी बन सकता है। धनुष्कोटी के इस अंतिम सिरे पर ही कुछ वर्ष पूर्व मोरारी बापू की रामकथा हुई थी। बापू ने व्यासपीठ से निवेदन भी किया था कि भारत और श्रीलंका के बीच ये सेतु किसी तरह से बना दिया जाए तो दोनों देशों के लोग रामायण कालीन स्थलों के दर्शन के लिए एक दूसरे की तरफ आ जा सकेंगे। दोनों देशों के बीच इस तरह का सेतु तो फिलहाल नहीं बना है लेकिन बापू की ये विशेष राम कथा एक तरह से सेतु का ही काम करेगी।

बापू की दृष्टि में ये सनातन की वैदिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वास्तविक यात्रा है। वास्तविकता को केंद्र में रखते हुए सात्विक, तात्विक और परमार्थिक अर्थ खोजने की चेष्टा की जाएगी। Morari Bapu

BNPNEWS

BNPNEWS

Related Posts

Sindhi Diaspora
विशेष

सिंधी डायस्पोरा: पूरे विश्व मे फैले हुए लोग, पर डीएनए एक

July 6, 2026
Teejan Bai
विशेष

पंडवानी गायिका डा. तीजन बाई का निधन

July 5, 2026
Battery Management App
विशेष

ई-रिक्शा रोकने वाले तीन चीनी एप सरकार ने एप स्टोर से हटवाए

July 5, 2026
Next Post
Chhath Mahaparva 2025

छठ महापर्व आज से, नहाय-खाय के साथ कठिन व्रत शुरू

Bhoomi Umar

वाराणसी की भूमि बनीं उत्तराखंड महिला क्रिकेट टीम की कप्तान

Ramjanmabhoomi

रामजन्मभूमि परिसर में मंदिरों के सभी कार्य 30 अक्टूबर तक हो जाएंगे पूरे

Discussion about this post

Recommended

Health Insurance

जीएसटी शून्य होने से ज्यादा कवरेज वाले हेल्थ इंश्योरेंस की मांग 38 % बढ़ी

9 months ago
काशी विश्वनाथ धाम देख गुजरात की संत मण्डली चकित, मन मुदित

काशी विश्वनाथ धाम देख गुजरात की संत मण्डली चकित, मन मुदित

4 years ago
Arvind Kejriwal

केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा ईडी का रवैया मनमाना

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

5 years ago

Categories

  • -वाराणसी
  • GUJRAT
  • hariyana
  • karnatak
  • keral
  • News
  • Rajsthan
  • Uncategorized
  • uttrakhand
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्‍य
  • अपराध
  • अर्थ जगत
  • ओडिशा
  • खेल
  • जनता की आवाज
  • जम्मू कश्मीर
  • टेकज्ञान
  • दिल्‍ली
  • धर्म
  • पंजाब
  • पर्यटन
  • पश्चिम बंगाल
  • प्रदेश
  • बात अपनी
  • बिहार
  • मध्‍य प्रदेश
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • मौसम रिपोर्ट
  • यूपी
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • रोजगार
  • वाराणसी
  • विशेष
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • हेल्‍थ
  • हैदराबाद

Topics

kashi to jammu
No Result
View All Result

Highlights

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर आरती का स्थान बदला

इस्कॉन में जगन्नाथ महोत्सव में भक्‍तों की उमड़ी भीड़

रक्तांचल सीजन 3 के वसीम व विजय ने वाराणसी की रौनक को करीब से जिया

25,445 करोड़ रुपये की लागत से 89 किमी लंबा बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर

नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी के नाम पर फ्राड कर रहे 20 ट्रेनर गिरफ्तार

सिंधी डायस्पोरा: पूरे विश्व मे फैले हुए लोग, पर डीएनए एक

Trending

Municipal council
वाराणसी

22 जुलाई को 15 मंडियों में मीट- मछली की दुकानें रहेंगी बंद

by BNPNEWS
July 21, 2026
0

BNP NEWS DESK। Municipal council वाराणसी नगर निगम द्वारा मछली एवं मीट विक्रेताओं को शहर से बाहर...

smart pilot project

25 वार्डों में चार घंटे में दूर होंगी 14 बुनियादी समस्याएं

July 21, 2026
Cockroach Janata Party

काकरोच जनता पार्टी का पहली बार सरकार से संवाद

July 21, 2026
Ganga water level

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर आरती का स्थान बदला

July 17, 2026
ISKCON Varanasi

इस्कॉन में जगन्नाथ महोत्सव में भक्‍तों की उमड़ी भीड़

July 17, 2026

We bring you the best Premium WordPress Themes that perfect for news, magazine, personal blog, etc.

Follow us on social media:

Recent News

  • 22 जुलाई को 15 मंडियों में मीट- मछली की दुकानें रहेंगी बंद
  • 25 वार्डों में चार घंटे में दूर होंगी 14 बुनियादी समस्याएं
  • काकरोच जनता पार्टी का पहली बार सरकार से संवाद

Category

  • -वाराणसी
  • GUJRAT
  • hariyana
  • karnatak
  • keral
  • News
  • Rajsthan
  • Uncategorized
  • uttrakhand
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्‍य
  • अपराध
  • अर्थ जगत
  • ओडिशा
  • खेल
  • जनता की आवाज
  • जम्मू कश्मीर
  • टेकज्ञान
  • दिल्‍ली
  • धर्म
  • पंजाब
  • पर्यटन
  • पश्चिम बंगाल
  • प्रदेश
  • बात अपनी
  • बिहार
  • मध्‍य प्रदेश
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • मौसम रिपोर्ट
  • यूपी
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • रोजगार
  • वाराणसी
  • विशेष
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • हेल्‍थ
  • हैदराबाद
  • About
  • Advertise
  • Careers
  • Contact

© 2021 Bharat News Post- All rights belong to their respective owners.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • प्रदेश
    • यूपी
    • दिल्‍ली
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • अन्‍य
  • राजनीति
  • विशेष
    • टेकज्ञान
    • धर्म
    • पर्यटन
    • मनोरंजन
    • रोजगार
    • शिक्षा
    • हेल्‍थ
  • खेल
  • अर्थ जगत
  • बात अपनी
  • अपराध

© 2021 Bharat News Post- All rights belong to their respective owners.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?