BNP NEWS DESK। Kali Pooja भय-बाधाओं से मुक्ति की कामना से अमावस की रात सोमवार को मां काली की पूजा आराधना की गई। इसके लिए कई स्थानों पर पंडाल सजाए गए और मां काली की मूर्तियां स्थापित की गईं। पंचक्रोशी रोड पर भोजूबीर स्थित दक्षिणेश्वरी काली मंदिर मंदिर समेत मंदिरों में शृंगार झांकी सजा कर विशेष अनुष्ठान किए गए। विश्वनाथ मंदिर के समीप कालिका गली स्थित कालरात्रि मंदिर में सुबह मां का चतुर्भुज शृंगार किया गया। भोर में पंचामृत स्नान के बाद नूतन वस्त्र धारण करा कर चार भुजाएं लगाई गई। उनमें खप्पड़, नर मुंड और आशीष मुद्रा बनाई गई। पुष्पों से शृंगार कर आरती की गई।
मां काली व मां तारा का विशेष पूजन
Kali Pooja नाटोर एस्टेट की महारानी भवानी द्वारा सन् 1752 में देवनाथपुरा में स्थापित मां काली मंदिर, मां तारा मंदिर, मां दुर्गा मंदिर, मां विशालाक्षी मंदिर, राधा-कृष्ण-ललिता मंदिर, गोपाल मंदिर व शिव मंदिर में विशेष शृंगार किया गया। पर्व अनुसार मां काली व मां तारा का विशेष पूजन, शृंगार आरती की गई। भोग प्रसाद वितरित किया गया। निशा पूजन व हवन भोर तक चला।
पश्चिम बंगाल के हुगली से आए मुख्य पुरोहित पं. सागर पालधी, पं. प्रोसेन्जित चक्रवर्ती व सहायक पं. स्वरूप चक्रवर्ती के सानिध्य में पूजन हुआ। दी बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विजय शंकर रस्तोगी, ईगल क्लब के चेयरमैन शंकर प्रसाद मुखर्जी, रानी भवानी एंडाउमेंट एस्टेट के ट्रस्टीगण रविन्द्र नाथ बनर्जी, डा. एसएस गांगुली, तारक नाथ गांगुली, प्रबंधक श्यामा प्रसाद कुंडू आदि थे।
इसके अलावा पांडेय हवेली स्थित वाणी संघ के पूजा पंडाल व नाथू शाह ब्रह्मपुरी स्थित नेशनल यूथ एसोसिएशन के पूजा पंडाल में मां काली की प्रतिमा स्थापित कर पूजन किया गया। मालगोदाम क्षेत्र स्थित वसुंधरा कालोनी में मां काली की प्रतिमा स्थापित कर देर रात ब्राह्मणों ने प्राण प्रतिष्ठा की। विधि विधान से पूजन-अनुष्ठान किया गया। साथ ही तीन दिवसीय बाल मेला का शुभारंभ हुआ। एनईआर यूथ क्लब के संरक्षक राजेश यादव ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया।
















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