BNP NEWS DESK। Tax Rate लोगों की उम्मीद के विपरीत सरकार ने इनकम टैक्स से लेकर अप्रत्यक्ष कर किसी भी टैक्स रेट में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन इनकम टैक्स देनदारी संबंधी नोटिस से प्रभावित लोगों को जरूर राहत दे दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण के दौरान टैक्सपेयर्स की तारीफ करते हुए कहा कि उनके दिए हुए पैसे का सरकार देश के विकास में बुद्धिमत्तापूर्वक इस्तेमाल कर रही है।
पिछले पांच सालों में टैक्सपेयर्स से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ाया गया है
Tax Rate पिछले 10 सालों में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या में 2.4 गुना बढ़ोतरी हुई है। इनकम टैक्स की नई और पुरानी किसी भी व्यवस्था के तहत कोई बदलाव नहीं किया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों में टैक्सपेयर्स से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ाया गया है। फार्म 26एएस के लांच होने से आइटीआर भरना आसान हो गया है और टैक्सपेयर्स के रिफंड आने का समय अब औसतन दस दिन हो गया है जो वर्ष 2013-14 के दौरान 93 दिन था।
सरकार की घोषणा के मुताबिक वित्त वर्ष 2009-10 तक अगर किसी टैक्सपेयर्स पर टैक्स विभाग के मुताबिक 25,000 रुपये का बकाया था और विभाग ने इस बकाए के लिए नोटिस भेज रखा है तो उसे सरकार अब वापस ले लेगी। वैसे ही, वित्त वर्ष 2010-11 से लेकर 2014-15 के बीच टैक्स विभाग के मुताबिक किसी टैक्सपेयर पर 10,000 रुपये का बकाया है और इस संबंध में नोटिस जारी है तो उसे भी सरकार माफ कर देगी।
वित्त मंत्रालय का अनुमान है कि इस फैसले से एक करोड़ टैक्सपेयर्स को फायदा होगा। बजट में सरकार ने किसी भी प्रकार के आयात शुल्क में भी कोई बदलाव नहीं किया। यह उम्मीद की जा रही थी कि कई प्रकार के कच्चे माल के आयात पर सरकार शुल्क में कमी करेगी। औद्योगिक समूहों ने मैन्यूफैक्चरिंग लागत में कमी के लिए कई कच्चे माल के आयात शुल्क में कटौती की मांग की थी। हालांकि सरकार ने स्टार्टअप और सोवरेन वेल्थ या पेंशन फंड से आइएफएससी यूनिट में किए जाने वाले निवेश पर टैक्स में राहत को अगले वित्त वर्ष 2024-25 तक जारी रखने का फैसला किया है। यह सुविधा इस साल मार्च में खत्म हो रही थी जो अब अगले साल मार्च तक जारी रहेगी।








