30 वर्षों में पूर्वी हिमालय से घट गई बर्फ की 30 प्रतिशत परत

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Climate change

 BNP NEWS DESK। Climate change हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन का असर तेजी से दिखाई दे रहा है। एक नए शोध में चेतावनी दी गई है कि अगर मौजूदा गर्मी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो सदी के अंत तक हिमालय की करीब 68 प्रतिशत बर्फ (स्नो कवर) समाप्त हो सकती है। मध्य और पूर्वी हिमालय में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है।
यहां वर्ष 1990 से 2020 के बीच 30 साल में बर्फ की परत 30 प्रतिशत घट गई है। इससे न सिर्फ हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र, बल्कि दक्षिण और मध्य एशिया के करोड़ों लोगों की जल सुरक्षा, कृषि और जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

Climate change  यह अध्ययन प्रतिष्ठित विज्ञानी पत्रिका ‘अर्थ साइंस रिव्यूज’ में प्रकाशित हुआ है। शोध में यह भी अनुमान लगाया गया है कि कराकोरम क्षेत्र में लगभग 26 प्रतिशत बर्फ सन 2100 तक गायब हो सकती है।
मिजोरम विश्वविद्यालय के शोधकर्ता वरिष्ठ प्रोफेसर विश्वम्भर प्रसाद सती और सुरजीत बनर्जी की ओर से किए गए इस अध्ययन में हिंदूकुश-हिमालय क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का विश्लेषण किया गया है।

इस पूरे क्षेत्र को अक्सर थर्ड पोल और एशिया का वाटर टावर कहा जाता है। क्योंकि, यहां मौजूद विशाल बर्फ और ग्लेशियर एशिया की कई प्रमुख नदियों को पानी उपलब्ध कराते हैं।
शोध के मुताबिक वर्ष 1980 से 2020 के बीच इस क्षेत्र का तापमान प्रति दशक 0.2 से 0.3 डिग्री सेल्सियस की दर से बढ़ा है, जो वैश्विक औसत से लगभग दोगुना है। पूर्वी हिमालय के कई हिस्सों में यह गर्मी और भी तेजी से बढ़ रही है। बढ़ते तापमान और बदलते वर्षा पैटर्न के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और बर्फ की परत घटती जा रही है। Climate change

ग्लेशियर झीलें बढ़ने से बाढ़ का खतरा

ग्लेशियरों के पिघलने से हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियर झीलों का आकार और संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) का खतरा बढ़ गया है।
मध्य हिमालय में ही वर्ष 1977 में 1160 झीलें थीं, जो 2010 तक बढ़कर 2168 हो गईं। पूरे क्षेत्र में 1833 से 2022 के बीच ग्लेशियर झील फटने की 697 घटनाएं दर्ज की गई हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार वर्ष 1982 से 2022 के बीच कम से कम 681 बड़े हिमस्खलन दर्ज किए गए, जिनमें 3,100 से अधिक लोगों की मौत हुई। यदि ग्लोबल वार्मिंग की स्थिति यही रही तो इस तरह की घटनाओं में वृद्धि होगी। Climate change

 

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Author: BNPNEWS

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