बीएनपी न्यूज डेस्क। यूपी बोर्ड परीक्षा में 10वीं के संस्कृत विषय की हल कॉपी परीक्षा से पूर्व वायरल होने के मामले में प्रशासन ने उभांव थाना में अज्ञात नकल माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ब्रजेश मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है, जांच चल रही है। नगरा पुलिस ने करीब पांच स्कूलों के प्रबंधक, कोचिंग संचालकों को हिरासत में लिया है। उनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। एसडीएम राजेश गुप्ता ने उभांव थाना में मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है। अधिकारियों ने पूरे दिन परीक्षा केंद्रों के सीसी टीवी फुटेज को खंगाला, लेकिन अभी तक मामला पकड़ से बाहर है।
हाईस्कूल संस्कृत की परीक्षा से पहले ही भीमपुरा, नगरा क्षेत्र में हल प्रश्न पत्र बेचे जाने के बाद मंगलवार को पूरे दिन प्रशासनिक अमला हरकत में रहा। डीआइओएस के साथ बेल्थरारोड एसडीएम राजेश गुप्ता, रसड़ा सीओ शिवनारायण वैस की टीम ने एक दर्जन परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कैमरा खंगाला। कई केंद्रों के सीसी टीवी कैमरे का वाइस बंद होने और कैमरे के खराब होने की भी जानकारी मिली। प्रश्नपत्र एक ही होने के संदर्भ में अधिकारियों ने इन्कार किया। वायरल हल प्रश्नपत्र और बोर्ड के प्रश्नपत्र में 70 फीसद प्रश्न एक ही पाया गया है। देर शाम तक प्रशासन किसी निर्णय तक नहीं पहुंचा था।
यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से 20 दिन पहले से चक्रव्यूह की रचना की गई थी, लेकिन परीक्षा के पहले दिन से नकल माफिया सक्रिय हो गए हैं। मंगलवार को हाईस्कूल के संस्कृत विषय की परीक्षा थी, लेकिन उसकी हल कापी सोमवार की रात से ही वायरल होने लगी। कई स्थानों पर हल कापी बिक्री करने की भी सूचना है। इसकी जानकारी होते ही जिला विद्यालय निरीक्षक सहित प्रशासन में खलबली मच गई। हल कापी वायरल होने के बाद जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति गठित कर दी है।








