सरसंघचालक मोहन भागवत ने विंध्‍याचल में की कामना, भारत जल्द बने विश्व गुरु

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Sarsanghchalak Mohan Bhagwat

BNP NEWS DESK।  Sarsanghchalak Mohan Bhagwat राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के Sarsanghchalak Mohan Bhagwat ने बुधवार को मीरजापुर के महुवारी स्थित देवरहा हंस बाबा आश्रम में हनुमान जी को 51 मन यानी 61 हजार लड्डू चढ़ाए। पूजन-अर्चन के बाद उन्होंने देश की एकता व अखंडता के लिए कामना की। इसके अलावा राम दरबार, राधा-कृष्ण और बालाजी का पूजन कर विश्व में भारत को विश्व गुरु बनने की प्रार्थना की। आश्रम में वह करीब पांच घंटे तक मौजूद रहे। वहां से शाम को सवा चार बजे मां विंध्यवासिनी Maa vindhyavasini दरबार पहुंचे और यहां भी करीब 20 मिनट तक पूजन-अर्चन की।

सुबह 11.10 बजे सरसंघचालक मोहन भागवत विंध्याचल के महुवारी स्थित देवरहा हंस बाबा आश्रम Deoraha Hans Baba Ashram पहुंचे। यह हनुमान मंदिर में 51 मन के लड्डू का भोग लगाकर हवन-पूजन किया। इस दौरान भागवत ने देश की आध्यात्मिक शक्ति का प्रभाव पूरी दुनिया में फैलने और विश्व गुरु बनने की कामना की। साथ ही देश की की एकता और अखंडता के लिए प्रार्थना की। इसके बाद वह आश्रम परिसर स्थित हनुमान दरबार में अखंड भारत के उदय व सनातन धर्म के विश्वव्यापी होने की कामना की। इसके बाद पास में ही स्थित भक्त निवास में कुछ देर के लिए विश्राम किया। दोपहर में सवा दो बजे के करीब उन्होंने देवरहा हंस बाबा से मुलाकात की। इस दौरान देवरहा हंस बाबा ने मोहन भागवत के सिर पर पैर रखा और उनको आशीर्वाद दिया।

शत्रु देशों के समन के लिए हवन-पूजन

Maa Vindhyavasini

दर्शन-पूजन कार्यक्रम संपन्न होने के बाद मंदिर के व्यवस्थापक एके सक्सेना व पंडित अखिलेश चंद्र मिश्र उर्फ राजन गुरु ने बताया कि कैलाश मान सरोवर देश का अंग हो और शत्रु देशों का समन हो इसके लिए मोहन भागवत की ओर से मंदिर परिसर में हवन भी किया गया। कामना की गई कि जो भी हमारे देश को खंडित करने का प्रयास करे, उसे इतना जर्जर कर दिया जाए कि वह आंख उठाकर भी न देख सके।

कैलाश मानसरोवर को पुन: देश का हिस्सा बनाने पर जोर

मंदिर के व्यवस्थापक एके सक्सेना ने बताया कि वर्ष 2020 में भी सरसंघचालक मोहन भागवत ने देश की अखंडता के लिए संकल्प के साथ पूजन-अर्चन किया गया था। इसके बाद दुश्मन देश चीन में बहुत बड़ी समस्याएं उत्पन्न हुई थी। आज भी आध्यात्मिक शक्तियों के द्वारा ऐसे दुश्मन देशों को जर्जर करने की जरूरत है। इसके अलावा कैलाश मानसरोवर व 40 हजार वर्ग किमी देश की छिनी हुई भूमि पुन: वापस लिया जाए, इसके लिए भी अनुष्ठान किया गया।

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Author: BNPNEWS

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