Bnp News Desk। Sampurnanand sanskrit university सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की दुर्लभ पांडुलिपियों की प्रिंटिंग में हुए गबन मामले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने इस मामले से सम्बंधित फरार आरोपी रमेश कुमार पटेल को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि पांडुलिपियों की प्रिंटिंग के लिए 10 करोड़ की धनराशि आवंटित हुई थी।
Sampurnanand sanskrit university पांडुलिपियों के प्रकाशन के लिए शासन ने दिया था इतना रुपये ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी को वित्तीय वर्ष 2000-2001 से 2009-2010 दुर्लभ पांडुलिपियों एवं ग्रंथों के मुद्रण/प्रकाशन के लिए विशेष अनुदान राशि 10 करोड़ 20 लाख 22 हजार रुपए आवंटित किए थे।
ऐसे हुआ गबन
प्रिंटिंग के लिये जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रकाशन संस्थान के तात्कालीन निदेशक के द्वारा वित्त विभाग के अधिकारियों, प्रिंटिंग प्रेस मालिकों और अन्य लोगों से मिलीभगत करके दुर्लभ पांडुलिपियों और ग्रंथो को बिना छपवाए ही लगभग 5.68 करोड़ रुपये शासकीय धन का फर्जी भुगतान करके आपस में गबन कर लिया गया। प्रकाशन विभाग द्वारा लगभग 3.67 करोड़ रुपये मात्र का वैध मुद्रण कार्य कराया गया था।
यहां से हुई गिरफ्तारी
ईओडब्लू वाराणसी के द्वारा निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि इस मामले में ईओडब्ल्यू लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में रविवार की रात हमारी टीम के साथियों हेड कांस्टेबल विनीत पांडेय, हेड कांस्टेबल हेमंत सिंह, हेड कांस्टेबल रामश्रय सिंह और कांस्टेबल सरफराज अंसारी ने इस प्रकरण में शामिल अभियुक्त रमेश कुमार पटेल निवासी मीरापुर बसहीं, थाना शिवपुर को गिरफ्तार कर लिया गया।








