प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से कहा, अपने आप में परिवर्तन लाइए नहीं तो परिवर्तन वैसे भी हो जाता है

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Narendra Modi

बीएनपी न्‍यूज डेस्‍क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों से कहा कि सदन में उन्हें अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए, भले ही महत्वपूर्ण विधेयक सूचिबद्ध हों या ना हों, क्योंकि लोगों ने अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्हें चुनकर संसद में भेजा है।

मिली जानकारी के मुताबिक, भाजपा संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने यह बात कही। इस बैठक में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा सहित अन्य आदिवासी सांसदों ने प्रधानमंत्री का अभिनंदन भी किया।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, संसद में भाजपा सदस्यों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, बच्चों को बार-बार टोका जाए तो उन्हें भी अच्छा नहीं लगता है…अपने आप में परिवर्तन लाइए, नहीं तो परिवर्तन वैसे ही हो जाता है। उन्होंने सभी सांसदों को संसद सत्र के दौरान सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया।

संसद के शीतकालीन सत्र में यह भाजपा संसदीय दल की पहली बैठक थी। आम तौर पर भाजपा संसदीय दल की बैठक संसद परिसर स्थित लाइब्रेरी बिल्डिंग में होती है लेकिन वहां जारी मरम्मत कार्य के चलते पहले हफ्ते संसदीय दल की बैठक नहीं हो सकी थी। आज की बैठक आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में हुई, जिसमें केंद्रीय मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित अन्य नेता उपस्थित थे।

बैठक के बाद संवाददाताओं को संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि राज्यसभा के 12 निलंबित सदस्य अगर आज माफी मांग लेते हैं तो उनका निलंबन वापस ले लिया जाएगा। ज्ञात हो कि इन सदस्यों के निलंबन के मुद्दे पर विपक्षी सदस्य संसद के दोनों सदनों में हंगामा कर रहे हैं और इसकी वजह से कामकाज बाधित हुआ है।

जिन सदस्यों को निलंबित किया गया है उनमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के इलामारम करीम, कांग्रेस की फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रताप सिंह, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और शांता छेत्री, शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम शामिल हैं। राज्यसभा के इन सदस्यों को मॉनसून सत्र के दौरान ‘‘अशोभनीय आचरण’’ करने के कारण, पिछले सप्ताह सोमवार, 29 नवंबर को आरंभ हुए संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन, इस सत्र की शेष अवधि के लिए उच्च सदन से निलंबित कर दिया गया था।

 

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Author: BNPNEWS

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