BNP NEWS DESK। Lalit Chakra बांग्ला सांस्कृतिक व कला केन्द्र ललित चक्र का 77 वां वार्षिक उत्सव मुरारी लाल मेहता नागरी नाटक मण्डली में हुआ। इसमें दो बांग्ला नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीए सुदेष्णा बसु थीं। स्वागत ललित चक्र के अध्यक्ष डा. उज्ज्वल कुमार बनर्जी ने किया।
Lalit Chakra पहले एकांक नाटक जिन घटित की प्रस्तुति हुई। जिसमें मध्यम वर्गीय सरकारी कर्मचारी अमितेश की पत्नी तिस्ता अपने आर्थिक अवस्था से असन्तुष्ट एवं पारिवारिक मित्र प्रणय वा कैया के प्रति ईर्ष्यान्वित है। संयोग से उसे दीपक का जिन्न मिल जाता है, जिसकी सहायता से वे अमीर हो जाते हैं। परन्तु प्रणय तथा कैया को उनका दोगुना धन प्राप्त होता है। फलस्वरूप ईष्या से ग्रस्त तिस्ता जिन्न से एक विचित्र वर मांगती है।
दूसरी प्रस्तुति काक चरित्र रही। इसमें व्योमकेश एक प्रतिष्ठित एवं राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त नाटककार है, जो वास्तविक जीवन से विषयवस्तु ग्रहण करना चाहता है। इसी क्रम में वह परोपकारी द्विजु बाबू, समाजसेवी डा. दास अथवा साधुको नायक की भूमिका में कल्पना करता है, परन्तु एक कौए से उसे उन व्यक्तियों की वास्तविकता ज्ञात होती है जो जीवन की सच्चाइयों का सामना करना सिखाती है।
कालाकरों में दीपक गुण, श्रीमती मिताली चक्रवर्ती, राजेश अधिकारी, मधुमिता मुखर्जी, सागर सरकार,देवव्रत दास, रीति सान्याल, देवादित्य मुखर्जी रहे। संगीत ईशान रायचौधरी व रुपाली बागची ने दिया। मंच सज्जा में रंजीत मृधा व ईशान रायचौधरी, रूप सज्जा अब्दुल सत्तार का रहा।








