BNP NEWS DESK। NITI Aayog meeting पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग गवर्निंग परिषद की बैठक में 11 राज्यों के मुख्यमंत्री नदारद रहे। केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया था कि इस बैठक में मुख्य तौर पर वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के एजेंडे पर विमर्श किया जाएगा। लेकिन दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, राजस्थान, तेलंगाना, बिहार, केरल समेत 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। इसमें से कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र की नीतियों का विरोध करते हुए बैठक का बहिष्कार किया।
इन राज्यों के नहीं आने के बावजूद नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रहमण्यम ने बताया गया कि बहुत ही अच्छे माहौल में बैठक हुई और पीएम मोदी ने स्वयं कहा कि, बहुत ही मंगलमय वातावरण में वार्ता हुई है। वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने को लेकर केंद्र सरकार व राज्यों के बीच बेहतर सामंजस्य पर महत्वपूर्ण विमर्श हुआ।
नवनिर्मित प्रगति मैदान में आयोजित इस बैठक में पीएम मोदी ने राज्यों से कहा है कि विकसित भारत को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय स्तर पर व जिला स्तर पर अगले 25 वर्षों की रणनीति बनाए। इसके लिए हर राज्य को एक टीम बनाने का भी सुझाव दिया है जो दीर्घकालिक लक्ष्यों व योजनाओं को लेकर केंद्र सरकार के साथ काम करे। सुब्रहमण्यम ने कहा कि, पीएम मोदी ने राज्यों से आह्वान किया कि वह वैश्विक स्तर पर लंबी छलांग लगाने की तैयारी करें।
यह काम आसान नहीं होगा लेकिन पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है और इसका पूरा इस्तेमाल करना है। वैश्विक अवसर को जाने नहीं देना है। लेकिन उन्होंने राज्यों से यह कहा कि वैश्विक अवसरों का फायदा उठाने के लिए वैश्विक गुणवत्ता का स्टैंडर्ड भी बनाना होगा। इसके लिए टीम इंडिया के स्प्िरट से काम करना होगा।
पीएम ने सभी राज्यों से नीति आयोग जैसी संस्थान बनाने का सुझाव दिया। बाद में नीति आयोग की तरफ से बताया गया कि इस पर काम हो रहा है। आने वाले दिनों में इसकी घोषणा की जाएगी। पीएम ने राज्यों से कहा कि, “उनकी तरफ से जो भी सुझाव आएंगे, उस पर पूरी तरह से अमल करने की कोशिश की जाएगी।”
पीएम मोदी ने राज्यों को राजकोषीय अनुशासन पर खास तौर पर जोर देने को कहा है। दिन भर चली बैठक में इस बारे में यह मुद्दा कई बार उठा। कुछ राज्यों की तरफ से पुरानी पेंशन स्कीम का मुद्दा भी उठाया गया।
पीएम ने इस बात को दोहराया कि राजकोषीय अनुशासन बहुत ही जरूरी है और इसको नजरअंदाज करके हम अपनी भावी पीढ़ी पर आर्थिक बोझ डालने का काम कर रहे हैं। पर्यावरण सुरक्षा को लेकर भी पीएम ने राज्यों को सतर्कता और गतिशीलता के साथ आगे बढ़ने को कहा। नीति आयोग के सीईओ ने बताया कि कई राज्यों ने इस संदर्भ में अपनी भावी नीति के बारे में विस्तार से बताया। कुछ राज्य पूरी तरह से हरित ऊर्जा में अपनी इकोनोमी को बदलने की नीति पर काम कर रहे हैं।








