उद्योगों और श्रमिकों के अनुकूल हों श्रम कानून : योगी आदित्यनाथ

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BNP NEWS DESK। labor and employment मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक प्रगति तभी संभव है, जब श्रम कानूनों को उद्योगों और श्रमिकों के अनुकूल बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रम कानूनों का सरलीकरण इस प्रकार किया जाए जिससे उद्योगों को सुविधा मिले, लेकिन यह भी सुनिश्चित हो कि श्रमिकों के शोषण या उनके साथ अमानवीय व्यवहार की कोई संभावना न रहे।

श्रमिक और उद्योगपति एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि प्रतिस्पर्धी

labor and employment  मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक और उद्योगपति एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि प्रतिस्पर्धी। ‘हर हाथ को काम’ देने के लिए हमें उद्योगों को सशक्त करना होगा। उद्योग बंद कर किसी को रोजगार नहीं दिया जा सकता, बल्कि उद्योगों का विस्तार ही अधिकाधिक रोजगार सृजन का माध्यम है।

दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को सुरक्षा मिले, इसके लिए उन्हें सम्मानजनक मानदेय और बीमा सुरक्षा कवच देना अनिवार्य है। बाल श्रमिकों को केवल आजीविका से नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और प्रायोजित योजनाओं से जोड़ते हुए उनके पुनर्वासन की दिशा में कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने श्रमिक अड्डों को माडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। कहा कि यहां डारमेट्री, शौचालय, पेयजल, कैंटीन और ट्रेनिंग की सुविधाएं उपलब्ध हों। कैंटीन में श्रमिकों को सस्ती दरों पर चाय, नाश्ता और भोजन मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की स्किल मैपिंग

उन्होंने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराकर न्यूनतम मानदेय की गारंटी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले निर्माण श्रमिकों को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए, बल्कि गंतव्य देश की भाषा का भी प्रशिक्षण दिया जाए।

यह उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर निजी अस्पतालों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम से जोड़ा जाए। इससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि आजादी के बाद से वर्ष 2016 तक प्रदेश में 13,809 कारखाने पंजीकृत थे, जबकि पिछले नौ वर्षों में 13,644 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। यह 99 प्रतिशत की वृद्धि है।

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Author: BNPNEWS

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