चरक और सुश्रुत के काल में भी डायबिटीज और उसके इलाज के मिले हैं प्रमाण

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Diabetes Treatment

BNP NEWS DESK। Diabetes Treatment डायबिटीज की बीमारी भले ही अत्याधुनिक जीवन शैली के कारण विकराल रूप धारण कर रही हो, लेकिन भारत में 400 से 500 ईसा पूर्व में यह बीमारी मौजूद थी और चरक व सुश्रुत जैसे ऋषि औषधीय पौधों से इसका इलाज करते थे।

Diabetes Treatment  स्वदेशी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में इन्हीं औषधीय पौधों से बनी दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। वर्ल्ड आफ डायबिटीज जर्नल के ताजा अंक में छपे अध्ययन के अनुसार 400 औषधीय पौधों से डायबिटीज का इलाज संभव है, लेकिन अभी तक केवल 21 के बारे में प्रभावी अध्ययन हुए हैं। इसमें डायबिटीज के सस्ते और बेहतर इलाज के लिए और अधिक शोध और क्लीनिकल ट्रायल की जरूरत बताई गई है।

2500 सालों से हो रहा है भारत में औषधीय पौधों से डायबिटीज का इलाज

पुडुचेरी स्थित जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जेआइपीएमइआर) और पश्चिम बंगाल के कल्याणी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन के अनुसार सुश्रुत और चरक के काल में किसी व्यक्ति की पेशाब में चीटियों के आकर्षित होने से इस बीमारी की पहचान की जाती थी और औषधीय पौधों का इस्तेमाल कर इसका इलाज भी किया जाता था।

20 वीं सदी में आधुनिक चिकित्सा पद्धति की शुरुआत के पहले पूरी दुनिया में औषधीय पौधों की मदद से डायबिटीज का इलाज होता था। यही नहीं, आज की इलाज में प्रयुक्त होने वाली प्रचलित दवाओं का मूल भी यही औषधीय पौधे हैं।

अध्ययन के मुताबिक दुनिया में करीब 400 ऐसे औषधीय पादप मौजूद हैं जो डायबिटीज को नियंत्रित करने में कारगर हो सकते हैं। जिन 21 औषधीय पौधों पर विस्तृत अध्ययन हुआ है, उनमें विजयसार, जामुन, जीरा, दारुहरिद्रा, एलोवेरा, बेल, मेथी, अदरक, नीम, आमला आदि है। इनमें से कई औषधीय पौधों को मिलाकर डायबिटीज की दवा बनाने की कोशिश भी शुरू हुई है। अध्ययन में विशेष रूप से बीजीआर-34 का जिक्र किया गया है ,जिसे वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआइआर) ने तैयार किया और बाजार में उतारने के लिए एमिल फार्मास्युटिकल्स नाम की कंपनी को फार्मूले को हस्तांतरित किया।

बीजीआर-34 में चार औषधि दारुहरिद्रा, गुड़मार, मेथी और विजयसार से प्राप्त विभिन्न प्रभावी फाइटो कंपाउंड का इस्तेमाल किया गया है। इनके अलावा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इसमें गिलोय और मजीठ भी मिलाए गए हैं। हाल ही में, नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक अध्ययन में बीजीआर-34 को डायबटीज के साथ ही मेटाबॉलिज्म तंत्र को भी ठीक करने में सफल पाया पाया गया।

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Author: BNPNEWS

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